हलधर टाइम्स की खबर का असर...सरकार ने लिया किसान के हक का फैसला, मिली बड़ी राहत
हलधर टाइम्स की खबर का असर...सरकार ने लिया किसान के हक का फैसला, मिली बड़ी राहत
(सभी तस्वीरें- हलधर)केंद्र सरकार ने किसानों के लिए एक खुशखबरी लेकर आई है। जहां बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि की वजह से गेहूं की फसल खराब हो जाने की वजह से किसानों का दिल मसोसा जा रहा था उस पर सरकार ने राहत देते हुए कहा कि चमकहीन, सिकुड़े और टूटे हुए गेहूं की खरीद के नियमों पर ढील दी जाएगी।
आपको बता दें कि, हलधर टाइम्स ने किसानों के लिए गुहार लगाते हुए अगाह किया था कि गेहूं की फसल खराब हो जाने की वजह से बिक्री में नुकसान होना तय है। हलधर टाइम्स के इस प्रयास के बाद प्रशासन जागा जिसके बाद केंद्र सरकार ने किसानों के पक्ष में बड़ा फैसला लिया है।
केंद्र सरकार का फैसला
बता दें कि खराबे को लेकर भेजी गई रिपोर्ट में 11 जिलों में गेहूं की गुणवत्ता में गिरावट की जानकारी सामने आई थी। जिसके बाद केंद्र की 6 सदस्यों की टीम ने जांच की और आकलन के बाद प्रदेश में चमक में कमी वाले गेहूं की सीमा की छूट को 50 फीसदी तक बढ़ाया है। वहीं सिकुड़े और टूटे हुए दानों की सीमा में छूट को 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी किया गया है।
वहीं, राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि शिथिल नियमों के तहत खरीदे गए गेहूं का भंडराण अलग से किया जाए और इसका उपभोग भी राज्य के अंदर ही होगा।
छूट के आदेश
इस साल ज्यादा गर्मी पड़ने, तेज हवा चलने और बारिश की वजह से गेहूं सिकुड़ गया है, जिससे दाना कमजोर रहा। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (भंडराण एवं अनुसंधान प्रभाग) ने छूट के आदेश जारी कर दिए हैं।
ओलावृष्टि से प्रभावित गेहूं की फसल को लेकर कोटा-बूंदी सहित पूरे प्रदेश के किसानों को राहत मिली। हलधर टाइम्स के डिजिटल मीडिया के प्लेटफॉर्म पर खबर चलने के बाद किसान एकजुट हुए और सभी ने इस समस्या को प्रमुखता से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के सामने रखा। जिसके बाद लोक सभा अध्यक्ष ने समस्या को गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि किसानों को नुकसान से बचाना और उनकी उपज की ज्यादा से ज्यादा खरीद सुनिश्चत करना ही सरकार की प्राथमिकता है। साथ ही, कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि अधिकतम किसानों की उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर ही खरीदा जाए।