स्वच्छता को अभियान नहीं, दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाएं

नई दिल्ली 01-Oct-2026 05:15 PM

स्वच्छता को अभियान नहीं, दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाएं

(सभी तस्वीरें- हलधर)

नई दिल्ली। केंद्रीय क़ृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वच्छता को अभियान की अवधि तक सीमित रखने के बजाय इसे जन-जन के व्यवहार और दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। उन्होंने ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ के तहत कार्यालयों, फील्ड कार्यालयों, पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों को अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए। किसानों, ग्रामीण समुदायों, सफाई कर्मियों, मीडिया और अन्य संबंधित पक्षों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी उन्होंने बल दिया। चौहान ने कहा कि स्वच्छता गतिविधियां औपचारिकता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। किए गए कार्यों के स्पष्ट परिणाम सामने आने चाहिए। 

ई-वेस्ट से 15 लाख का राजस्व

बैठक में कृषि विभाग ने बताया कि 16 सितंबर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत कॉरिडोर, कैंटीन और शौचालयों की गहन सफाई के साथ पुराने फर्नीचर एवं इलेक्ट्रॉनिक कचरे का निस्तारण किया गया। पुराने फर्नीचर और ई-वेस्ट के निस्तारण तथा नीलामी से करीब 15 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। 

2 से 31 अक्टूबर तक विशेष अभियान

बैठक में 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले विशेष अभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई। इस दौरान लंबित फाइलों एवं मामलों के निस्तारण, स्क्रैप और ई-वेस्ट हटाने तथा कार्यालयीन स्थान के बेहतर उपयोग पर ध्यान दिया जाएगा। अनुपयोगी कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चिन्हित कर नियमानुसार निस्तारित किया जाएगा।

KVK तक स्वच्छता गतिविधियां

देशभर के ICAR संस्थानों और कृषि विज्ञान केंद्रों में भी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। KVKs के माध्यम से किसानों और ग्रामीण समुदायों को स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन तथा पर्यावरणीय जागरूकता से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में सचिव कृषि एवं किसान कल्याण विभाग अतिश चंद्रा,  ICAR के महानिदेशक डॉ. मांगी लाल जाट, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रोहित कंसल तथा भूमि संसाधन विभाग के संयुक्त सचिव पी. नरहरि सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


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