इंटरक्रॉपिंग खेती: एक खेत में दो फसलें उगाकर बढ़ाएं मुनाफा

नई दिल्ली 18-Jul-2026 01:50 PM

इंटरक्रॉपिंग खेती: एक खेत में दो फसलें उगाकर बढ़ाएं मुनाफा

(सभी तस्वीरें- हलधर)

खेती में बढ़ती लागत और बदलते मौसम के बीच किसान नई तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसी ही एक आधुनिक और लाभदायक तकनीक है इंटरक्रॉपिंग, जिसमें किसान एक ही खेत में एक साथ दो या अधिक फसलों की खेती करते हैं। यह तरीका न केवल जमीन का बेहतर उपयोग करता है, बल्कि किसानों को अतिरिक्त आय कमाने का अवसर भी देता है।

इंटरक्रॉपिंग क्या है?

इंटरक्रॉपिंग एक कृषि पद्धति है, जिसमें मुख्य फसल के साथ दूसरी फसल को भी निर्धारित दूरी और पंक्तियों में लगाया जाता है। उदाहरण के लिए, किसान मक्का के साथ मूंग, गन्ने के साथ प्याज या अरहर के साथ तिल की खेती कर सकते हैं। इससे खेत की खाली जगह का सही उपयोग होता है और उत्पादन बढ़ता है।

इंटरक्रॉपिंग कैसे करें?

इंटरक्रॉपिंग अपनाने से पहले फसलों का सही चयन करना बहुत जरूरी है। ऐसी फसलें चुननी चाहिए जिनकी पोषण और पानी की जरूरत अलग-अलग हो, ताकि वे एक-दूसरे के विकास में बाधा न बनें। खेत की तैयारी के दौरान फसलों के बीच उचित दूरी रखना भी आवश्यक है। इससे दोनों फसलों को पर्याप्त धूप, पानी और पोषक तत्व मिलते हैं।

किसानों को क्या मिलते हैं फायदे?

इंटरक्रॉपिंग से किसानों को एक ही खेत से दो फसलों का उत्पादन मिलता है, जिससे उनकी आमदनी बढ़ सकती है। यदि किसी कारण मुख्य फसल को नुकसान हो जाए, तो दूसरी फसल से आर्थिक सहारा मिल जाता है। इसके अलावा कुछ फसलें कीटों को दूर रखने में मदद करती हैं, जिससे कीटनाशकों पर होने वाला खर्च कम हो सकता है।

कम लागत में अधिक कमाई

इस तकनीक में खेत की जुताई, सिंचाई और देखभाल का खर्च एक साथ कई फसलों पर लग जाता है। इससे लागत कम होती है और मुनाफा बढ़ने की संभावना रहती है। यही कारण है कि आज कई किसान इंटरक्रॉपिंग को अपनाकर बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त कर रहे हैं।'


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