राजस्थान में कृषि यंत्रीकरण को मिलेगा बढ़ावा

नई दिल्ली 17-Jul-2026 04:15 PM

राजस्थान में कृषि यंत्रीकरण को मिलेगा बढ़ावा

(सभी तस्वीरें- हलधर)

जयपुर। राजस्थान सरकार किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक और कृषि यंत्रों की सुविधा आसानी से उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में कृषि विभाग और टैफे–जेफार्म सर्विसेज के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों तक कृषि यंत्रीकरण का लाभ पहुंचाना है।

इस साझेदारी के तहत किसान जेफार्म सर्विसेज के डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से ट्रैक्टर और अन्य कृषि उपकरण किराए पर ले सकेंगे। सबसे खास बात यह है कि किसानों को इसके लिए कोई अतिरिक्त सेवा शुल्क नहीं देना होगा। इससे किसानों की खेती की लागत कम होगी और कृषि कार्य समय पर पूरे हो सकेंगे।

राज्य सरकार जेफार्म सर्विसेज प्लेटफॉर्म को राज किसान साथी पोर्टल से भी जोड़ेगी, जिससे किसानों को एक ही डिजिटल माध्यम पर बेहतर और आसान सेवाएं मिल सकेंगी। भूमि तैयारी, बुआई, कटाई और फसल कटाई के बाद के कार्यों में भी आधुनिक मशीनों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।

प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी मंजू राजपाल ने कहा कि कस्टम हायरिंग सेंटर कृषि यंत्रीकरण को नई दिशा देने वाला मॉडल है। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर ऐसे केंद्र स्थापित करना है, ताकि किसान जरूरत के समय आसानी से कृषि यंत्र किराए पर ले सकें। इससे महंगे कृषि उपकरण खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी और छोटे किसानों को भी आधुनिक तकनीक का लाभ मिलेगा।

कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने बताया कि इस पहल से ट्रैक्टर और कृषि उपकरण किराया व्यवस्था मजबूत होगी और किसानों को डिजिटल सेवाओं का लाभ भी मिलेगा। इससे राज्य में कृषि विकास को नई गति मिलेगी।

गौरतलब है कि कृषि विभाग ने हाल ही में 32 संगठनों, एग्रीटेक स्टार्टअप्स और सिविल सोसाइटी संगठनों के साथ भी समझौते किए हैं। इनका उद्देश्य प्राकृतिक खेती, जलवायु अनुकूल कृषि, आधुनिक तकनीकों के प्रसार और किसानों की आय बढ़ाने के लिए मिलकर काम करना है।

इन प्रयासों से किसानों को नई तकनीकों का प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता, बेहतर विपणन सुविधाएं और आधुनिक खेती के अवसर मिलेंगे। खासतौर पर छोटे एवं सीमांत किसान, महिला किसान, युवा किसान और जनजातीय क्षेत्रों के किसानों को इसका बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। यह पहल राजस्थान की कृषि को अधिक आधुनिक, टिकाऊ और किसान-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।


ट्रेंडिंग ख़बरें