धान में तना छेदक से हिस्पा तक, ऐसे करें कीटों का नियंत्रण
(सभी तस्वीरें- हलधर)राजस्थान के हाड़ौती, बीकानेर, भरतपुर और उदयपुर संभाग के किसान धान की भरपूर पैदावार लेते हैं। कीटनाशक दवाओं के अन्धाधुन्ध प्रयोग से प्राकृतिक सन्तुलन में गड़बड़ी, प्रदूषण और कुछ जीवों के फिर से पनपने को बढ़ावा मिला हैं। ऐसे में नाशक जीवों का समेकित और प्रकृति अनुरूप प्रबन्धन आवश्यक है।
तना छेदक
दानेदार कीटनाशी जैसे कार्बोफ्यूरॉन 3 जी, 25 किग्रा प्रति हैक्टेयर, क्लोरपायरीफॉस 20 ईसी 2 मिली अथवा क्यूनालफॉस 25 ईसी 2 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
पौध फुदका
क्लोरपायरीफॉस 20 ईसी 2 मिली अथवा इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एसएल 1 मिली प्रति 4 लीटर अथवा कार्बारिल 50 प्रतिशत 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
सैनिक कीट
क्लोरपायरीफॉस 20 ईसी 2.5 मिली अथवा क्यूनालफॉस 25 ईसी 3 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़कें। कार्बारिल अथवा मैलाथियॉन धूल 25-30 किग्रा प्रति हैक्टेयर की दर से भुरकाव करें।
पत्ता लपेट
क्यूनालफॉस 25 ईसी 2 मिली अथवा क्लोरपायरीफॉस 20 ईसी 2.5 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
गंधी बग
मैलाथियान 50 ईसी 1 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें अथवा कार्बारिल धूल 25-30 किग्रा प्रति हैक्टेयर की दर से भी भुरकाव कर सकते हैं।
हिस्पा
क्लोरपायरीफॉस 20 ईसी 2.5 मिली अथवा क्यूनालफॉस 25 ईसी 3 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें अथवा कार्बारिल धूल 25-30 किग्रा प्रति हैक्टेयर की दर से भुरकाव करें।