नकली  खाद-बीज की ठगी से बचाने के लिए किसान अपनाएं ये तरीके

नई दिल्ली 19-May-2026 01:27 PM

नकली  खाद-बीज की ठगी से बचाने के लिए किसान अपनाएं ये तरीके

(सभी तस्वीरें- हलधर)

खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों के चेहरों पर उम्मीदें तैरने लगती हैं, लेकिन इसी के साथ नकली खाद, बीज और कीटनाशकों का काला धंधा करने वाले माफिया भी सक्रिय हो जाते हैं। नकली बीज और खाद के कारण हर साल हजारों किसानों की मेहनत और पूंजी दोनों डूब जाती है। इस बार सरकार और कृषि विभाग ने किसानों को इस ठगी से बचाने के लिए एक 'अचूक हथियार' तैयार किया है। इस तकनीक और सतर्कता के संगम से अब जालसाजों की खैर नहीं होगी।

सही बीज की पहचान

बीज ही अच्छी फसल का आधार है, इसलिए इसमें कोई कमी नहीं होनी चाहिए,  बीज खरीदने से पहले यह जरूर निश्चित करें कि आपको किस वैरायटी का और कितना बीज चाहिए ताकि फिजुलखर्ची न हो। हमेशा सरकार से रजिस्टर्ड और भरोसेमंद दुकान से ही खरीदें। असली और अच्छी क्वालिटी के बीज पहचानने के लिए सरकार द्वारा दिए गए टैग का रंग देखें।

 प्रजनक बीज के लिए सुनहरा पीला टैग, आधार बीज के लिए सफेद टैग और प्रमाणित बीज के लिए नीले रंग का टैग लगा होता है। इसके अलावा, पैकेट को ध्यान से देखें कि वह कहीं से फटा न हो या उसकी सिलाई न की गई हो। साथ ही, इस बात का ध्यान रखें एक्सपायरी डेट और उपयोग की आखिरी तिथि जांच लें।

खाद और कीटनाशक परीक्षण

रासायनिक उर्वरक और कीटनाशक दवाओं में मिलावट का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। इसलिए कभी भी खुली हुई खाद या ढीली दवाएं न खरीदें। हमेशा सीलबंद और ब्रांडेड बैग या डिब्बे ही लें। इसी तरह, कीटनाशक दवाओं की शीशी शी या पैकेट को चेक करें कि वह कहीं से लीक या क्षतिग्रस्त न हो. दवाओं पर लिखी एक्सपायरी डेट को तो बिल्कुल कड़ाई से जांचें, अगर डेट निकल चुकी हो या कुछ ही दिन बचे हों, तो उसे भूलकर भी न खरीदें। 

पक्का बिल न भूलें

खेती का कोई भी सामान खरीदे वक्त पक्का बिल मांगना आपका अधिकार है और संकट के समय यही आपकी सबसे बड़ी ढाल बनता है। पक्के बिल पर  खरीद की तारीख, खाद/बीज/दवा का पूरा नाम, मात्रा, कीमत, बैच नंबर और उसकी एक्सपायरी डेट साफ-साफ लिखी होनी चाहिए।  इन छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर आप नकली सामान बेचने वालों के जाल से बच सकते हैं और अपनी फसलों से बंपर मुनाफा कमा सकते हैं।


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