'रिफॉर्म एक्सप्रेस' से सरल होगा किसानों का जीवन
(सभी तस्वीरें- हलधर)देश के किसानों, व्यापारियों और छोटे दुकानदारों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि मंत्रालय ने कई ऐतिहासिक सुधार किए हैं। इन बदलावों का सीधा मकसद कृषि क्षेत्र में कागजी कार्रवाई (रेड टेप) को खत्म करना, तकनीक को बढ़ावा देना और व्यापार को आसान बनाना है। कृषि सचिव अतीश चंद्रा की मौजूदगी में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में इन बड़े फैसलों और उनके फायदों की समीक्षा की गई। आइए जानते हैं कि इन सुधारों से किसे और क्या लाभ मिलने जा रहा है।
40 लाख किराना दुकानदारों को बड़ी राहत
मच्छर भगाने वाली कॉइल, मैट, लिक्विड वेपोराइजर और कॉकरोच स्प्रे जैसे घरेलू कीटनाशक बेचने वाले 40 लाख से अधिक खुदरा (Retail) और किराना दुकानदारों के लिए लाइसेंस लेना अब बेहद आसान हो गया है। लाइसेंस के लिए आवेदन पत्र को तीन पेज से घटाकर सिर्फ एक पेज का कर दिया गया है। अब प्रॉडक्ट के साथ मिलने वाले कागजी लीफलेट (पर्चों) की जरूरत नहीं होगी। इसकी जगह उत्पाद के डिब्बे पर ही QR Code दे दिया गया है, जिसे स्कैन करके सारी जानकारी मिल जाएगी। इससे कागजी झंझट पूरी तरह खत्म हो गया है।
उर्वरक क्षेत्र में 'दोहरी व्यवस्था' खत्म
पहले नए उर्वरकों के पंजीकरण के लिए तकनीकी समिति और केंद्रीय उर्वरक समिति दोनों से मंजूरी लेनी पड़ती थी। अब इस दोहरी व्यवस्था को खत्म कर सिर्फ 'केंद्रीय उर्वरक समिति' को अधिकृत किया गया है। इसका फायदा अब तक 19 निर्माताओं को मिल चुका है।
कृषि जिंसों के आयात को सुगम बनाने के लिए किए गए सुधारों की जानकारी देते हुए बताया गया कि देश के सभी 649 कस्टम पोर्ट्स पर डिजिटल एकीकरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। Plant Quarantine Management System (PQMS) तथा Indian Customs Electronic Data Interchange Gateway (ICEGATE) के बीच एंड-टू-एंड इंटीग्रेशन स्थापित किया गया है। अब कृषि जिंस आयातकों को केवल ICEGATE पर एक ही आवेदन करना होगा। इसके बाद Import Release Order (IRO) सीधे आयातक के लॉगिन पर जारी हो जाएगा।
बैठक में बीज एवं रोपण सामग्री के आयात-निर्यात प्रक्रिया को भी सरल बनाए जाने की जानकारी दी गई। सरकार ने EXIM Committee को पूरी तरह समाप्त कर दिया है तथा “Prior Recommendation” प्राप्त करने की अनिवार्य व्यवस्था को भी खत्म कर दिया गया है जिससे बीज एवं रोपण सामग्री के आयात-निर्यात की प्रक्रिया अधिक सहज एवं त्वरित हो गई है।