कमाई का सुनहरा मौका, इस तारीख से शुरू करें हल्दी-अदरक की खेती

नई दिल्ली 08-May-2026 06:29 PM

कमाई का सुनहरा मौका, इस तारीख से शुरू करें हल्दी-अदरक की खेती

(सभी तस्वीरें- हलधर)

अप्रैल के आखिरी और मई के शुरुआती दिनों में मौसम में कई सारे बदलाव देखने को मिला है। कभी तेज गर्मी तो कभी अच्छी बारिश के गतिविधियां देखी जा रही हैं। बदलते मौसम को देखते हुए एक्सपर्ट्स ने किसानों के लिए साप्ताहिक रिपोर्ट जारी की है। जिसमें किसानों को अदरक और हल्दी की बुवाई करने की सलाह दी है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि बारिश की वजह से खेतों में अच्छी नमी है। यह नमी हल्दी और अदरक की खेती के लिए काफी जरूरी है। इसलिए किसान 15 मई से अदरक और हल्दी की बुवाई कर सकते हैं। 

हल्दी बुवाई से पहले करें ये काम

वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी कि हल्दी की बुवाई करने से पहले खेत की जुताई अच्छे से कर लें। जुताई के दौरान एक हेक्टेयर में 25 से 30 टन सड़ी गोबर की खाद, 60-75 किलो नाइट्रोजन, 50-60 किलो फास्फोरस, 100-120 किलो पोटाश और 20-25 किलो जिंक सल्फेट का उपयोग करें। हल्दी की खेती के लिए बीज की मात्रा 20 से 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रखें और बुवाई से पहले बीज का उपचार जरूर करें, हल्दी की रोपाई 30×20 सेंटीमीटर की दूरी पर और 5-6 सेंटीमीटर गहराई में करें।

अदरक की बुवाई

अदरक उगाने वाले किसान भी 15 मई से बुवाई शुरू कर सकते हैं, कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि खेती के लिए जुताई के दौरान 20 से 30 टन सड़ी गोबर की खाद, 30-40 किलो नाइट्रोजन, 50किलो स्फूर,  80-100 किलो पोटाश, 20-25 किलो जिंक सल्फेट और 10-12 किलो बोरेक्स प्रति हेक्टेयर इस्तेमाल करें. अदरक के बीज की मात्रा 18 से 20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रखें। वहीं, अदरक की रोपाई 30×20 सेंटीमीटर की दूरी पर करें।


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