आर्थिक संकट में किसान, सरकार नहीं खरीद रही गेहूं

नई दिल्ली 20-Apr-2026 06:18 PM

आर्थिक संकट में किसान, सरकार नहीं खरीद रही गेहूं

(सभी तस्वीरें- हलधर)

बांसवाड़ा जिले के गनोड़ा क्षेत्र में गेहूं की सरकारी खरीद को लेकर किसानों में भारी आक्रोश और चिंता का माहौल है। अन्नदाता की मेहनत खेतों से खलिहानों तक तो पहुंच गई, लेकिन सरकारी सिस्टम की उलझनों की वजह से खरीद केंद्र तक नहीं पहुंच पा रही है। 

आर्थिक संकट में किसान

दरअसल, डिजिटल भूमि अभिलेख अद्यतन (डीआइएलआरएमपी) के तहत हुए सर्वे-रिसर्वे में काश्तकारों की जमीन के खसरा नंबर बदल जाने की वजह से किसान आर्थिक संकट में आ गए हैं। दूसरी तरफ, बाजार में भी किसानों को गेहूं के उचित दाम नहीं मिल रहे हैं। गनोडा क्षेत्र में डीसीएस पोर्टल पर खसरा नंबरों के मेल न खाने से किसान उपज का पंजीकरण नहीं करा पा रहे हैं। 

दर-दर ठोकरें खा रहे हैं किसान

सर्वे के चलते पुराने और नए खसरा नंबरों में असमानता हो गई है। यहां तक कि इस सर्वे के बाद कई किसानों की भूमि का क्षेत्रफल घटा-बढ़ा दिया है इसके चलते किसानों की बिक्री की पंजीकरण प्रक्रिया ठप हो गई है। अब किसान सरकारी कार्यालयों पर दर-दर ठोकर खा रहा है।

बनी आपसी विवाद की स्थिति

सर्वे की वजह से किसानों को हो रही समस्या को लेकर जिला कलक्टर को भी सूचित किया गया और इस समस्या पर उन्होंने पत्र लिखा।  इस सर्वे ने किसानों में आपसी विवाद की स्थिति बना दी है। साथ ही सर्वे के आधार पर किसानों का गेहूं समर्थन मूल्य पर नहीं बिकेगा। ऐसे में किसानों को व्यापारी के यहां कम दामों में गेहूं बेचना पड़ेगा, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान होगा।


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