MSP पर आंदोलन तेज! किसान संगठनो ने उठाई खरीद व्यवस्था सुधार की मांग

नई दिल्ली 05-Jun-2026 05:41 PM

MSP पर आंदोलन तेज! किसान संगठनो ने उठाई खरीद व्यवस्था सुधार की मांग

(सभी तस्वीरें- हलधर)

रबी फसलों के मूल्य निर्धारण को लेकर किसान महापंचायत सक्रिय

नई दिल्ली/बीकानेर। रबी मार्केटिंग सीजन 2027-28 की फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर किसान संगठनों ने सरकार के सामने अपनी मांगें तेज कर दी हैं। किसान महापंचायत ने कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) को ज्ञापन सौंपकर MSP की कानूनी गारंटी सहित कई बड़े सुधारों की मांग उठाई है।

MSP पर किसानों की सबसे बड़ी मांग

किसान संगठन ने साफ कहा है कि सिर्फ MSP घोषित करना पर्याप्त नहीं है, जब तक उस पर पक्की खरीद की गारंटी नहीं मिले। संगठन ने मांग की है कि:

  • MSP को कानूनी दर्जा दिया जाए
  • किसानों को तय मूल्य पर अनिवार्य खरीद की गारंटी मिले
  • खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए
  • दलहन और तिलहन खरीद पर बड़ी मांग

किसान महापंचायत ने सुझाव दिया है कि:

  • दलहन और तिलहन की खरीद पर सभी प्रतिबंध हटाए जाएं
  • चना और मूंग किसानों को हुए नुकसान की भरपाई की जाए
  • कमी मूल्य भुगतान योजना के तहत किसानों को अंतर राशि सीधे खाते में दी जाए
  • गांव-गांव खरीद केंद्र बनाने की मांग

किसान संगठन ने मजबूत खरीद व्यवस्था की मांग करते हुए कहा कि:

  • हर गांव में स्थाई खरीद केंद्र बनाए जाएं
  • ग्राम सेवा सहकारी समितियों को आधार बनाया जाए
  • किसानों का ट्रांसपोर्ट खर्च कम हो और खरीद सुविधा नजदीक मिले
  • गुणवत्ता जांच और पारदर्शिता पर जोर

किसानों ने मांग की है कि:

  • फसल की गुणवत्ता जांच के नियम पारदर्शी हों
  • न्यायपूर्ण और एक समान मानक लागू किए जाएं
  • खरीद प्रक्रिया में जवाबदेही तय हो

आयात-निर्यात नीति पर भी सवाल

किसान संगठन ने सरकार से कहा है कि:कृषि आयात-निर्यात नीति में किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जाए
बाजार निर्णय किसानों की आय को ध्यान में रखकर लिए जाएं

किसान नेताओं की राय

किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने कहा कि कई बार आयोग MSP पर सिफारिशें कर चुका है, लेकिन अब जरूरत है कि इन सुझावों को लागू करने के लिए ठोस कानून बनाया जाए।किसानों का कहना है कि जब तक MSP की कानूनी गारंटी और मजबूत खरीद व्यवस्था नहीं होगी, तब तक खेती से सही आय सुनिश्चित नहीं हो सकती।


ट्रेंडिंग ख़बरें