पशुपालन विभाग की बैठक में शासन सचिव ने दिए सख्त निर्देश
(सभी तस्वीरें- हलधर)राजस्थान के पशुपालन, मत्स्य, डेयरी एवं गोपालन शासन सचिव डॉ. समित शर्मा की अध्यक्षता में पशुपालन, मत्स्य, डेयरी एवं गोपालन विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। शासन सचिवालय में हुई इस बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं और नवाचार आधारित गतिविधियों पर चर्चा की गई।
योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के निर्देश
शासन सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से अंतिम पशुपालक तक पहुंचे। बैठक में मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, मोबाइल वेटरनरी यूनिट और सेक्स सॉर्टेड सीमन योजना की समीक्षा करते हुए प्रगति तेज करने पर जोर दिया गया।
FMD टीकाकरण अभियान को समय पर पूरा करने का लक्ष्य
डॉ. शर्मा ने राज्य में चल रहे खुरपका-मुंहपका (FMD) टीकाकरण अभियान को 16 मई तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। पिछले चरण में 188 लाख पशुओं का टीकाकरण किया गया, जबकि वर्तमान चरण में 2.32 करोड़ पशुओं का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्ष 2030 तक प्रदेश को FMD मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
पशु बीमा योजना में प्रगति, 17.94 लाख पशु कवर
विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की सराहना करते हुए बताया कि अब तक 17.94 लाख पशुओं का बीमा किया जा चुका है। साथ ही क्लेम प्रक्रिया को तेज करने और बेसलाइन सर्वे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
धीमी प्रगति पर नाराजगी, कारण बताओ नोटिस के निर्देश
डॉ. शर्मा ने सेक्स सॉर्टेड सीमन योजना की धीमी प्रगति वाले जिलों पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। कमजोर प्रदर्शन करने वाले कार्मिकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाने को कहा गया। वहीं बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों की सराहना की गई।
डिजिटलीकरण से बढ़ेगी पारदर्शिता और निगरानी
बैठक में विभागीय कार्यों को आधुनिक बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऐप और ऑनलाइन पोर्टल के उपयोग पर जोर दिया गया। सभी फील्ड गतिविधियों का 100% डेटा डिजिटल माध्यम से अपलोड करने के निर्देश दिए गए, जिससे मॉनिटरिंग और पारदर्शिता में सुधार होगा।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने स्पष्ट कहा कि विभाग में लापरवाही और अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी स्तरों पर सख्त मॉनिटरिंग करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।