जीरा मंडी में नई फसल की बंपर आवक, किसानों को इतना मिल रहा दाम
(सभी तस्वीरें- हलधर)जोधपुर स्थित प्रदेश की सबसे बड़ी जीरा मंडी में होली के बाद नई फसल की आवक तेज हो गई है। मंडी परिसर में जीरे की खुशबू से पूरा वातावरण महक रहा है। यहां अब प्रतिदिन 3 से 4 हजार बोरी जीरा मंडी में पहुंच रहा है, जिससे व्यापारिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं।
खुली नीलामी में अच्छे दाम
मंगलवार को हुई खुली बोली नीलामी में जीरा 18,000 से 22,725 रुपए प्रति क्विंटल तक बिका। किसानों को बेहतर दाम मिलने से उत्साह देखा जा रहा है। जीरे के साथ किसान ईसबगोल, रायडा और सरसों की उपज भी मंडी में ला रहे हैं।
मंडी में जगह कम, बाहर खड़ी हो रहीं गाड़ियां
भारी आवक की वजह से मंडी परिसर छोटा पड़ने लगा है। प्रतिदिन हजारों बोरी जीरा आने से वाहनों को मंडी के बाहर ही खड़ा करना पड़ रहा है। पश्चिम राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर पहुंच रहे हैं।
प्रदेशभर से आ रहा जीरा
जोधपुर मंडी में भोपालगढ़, लूणी, सोयला, पीपाड़, झंवर, पाली, ओसियां, रोहट, बोरून्दा, जैसलमेर और चांधण सहित कई क्षेत्रों से जीरा आ रहा है। बता दें कि यहां खुली बोली प्रणाली के जरिए व्यापार किया जाता है, जिससे किसानों को प्रतिस्पर्धात्मक दाम मिलते हैं।
राजस्थान देश का सबसे बड़ा जीरा उत्पादक
देश का प्रमुख जीरा उत्पादक राज्य राजस्थान है, यहां जीरे का 60-70% उत्पादन होता है। राज्य के जालोर, बाड़मेर, जोधपुर, जैसलमेर, नागौर, पाली और सिरोही जैसे जिले जीरा उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं। दरअसल, यहां की जलवायु और मिट्टी जीरे की खेती के लिए सबसे अनुकूल मानी जाती है।
गुणवत्ता और औषधीय गुणों से बढ़ी मांग
राजस्थान का जीरा अपनी तीव्र सुगंध, मजबूत स्वाद और उच्च गुणवत्ता के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है। इसमें मौजूद क्यूमिनॉल (2.5-4%) पाचन सुधारने, इम्यूनिटी बढ़ाने और औषधीय उपयोग में लाभकारी माना जाता है। यही कारण है कि वैश्विक बाजार में इसकी मांग लगातार बनी हुई है।