अनार के बाद थार स्ट्रॉबेरी से लाल
(सभी तस्वीरें- हलधर)जयपुर। थार के धोरें अनार के बाद अब स्ट्रॉबेरी से लाल होने लगे है। जोधपुर जिले में कुछ ऐसा ही प्रयास किया है झंवर गांव के युवा किसान नगेन्द्र पटेल ने। बता दें कि ये युवा सीआईएसएफ और यूको बैंक की नौकरी को छोडक़र मॉर्डन एग्रीकल्चर से जुड़ा और अपनी मेहनत और लगन से धोरों को लाल कर दिखाया। उन्होंने बताया कि यह मेरा पहला प्रयास है। इससे नई उम्मीद बंधी है। उन्होंने बताया कि खेत में पैदा हुई स्ट्रॉबेरी 40 रूपए प्रति सौ ग्राम की दर से बिक्री हो रही है। गौरतलब है कि यह किसान पॉली हाउस में खीरे की फसल के साथ स्ट्रॉबेरी का उत्पादन ले रहा है। उन्होंंने बताया कि पॉली हाउस में पांच बेड़ स्टॉबेरी की लगाई है। एक बेड में करीब 200 पौधें है।

खाद-पानी की बचत
उन्होंने बताया कि स्ट्रॉबेरी की खेती में बल्ब की लागत आती है। पौधरोपण के बाद खाद-पानी का मामूली खर्च लगा है। अक्टूबर में नींदरलैंड से वाया पुणे होते हुए पौधें मंगवाएं थे। इनसे अब भरपूर उत्पादन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि स्ट्रॉबेरी के लिए ठंडा मौसम चाहिए। इसके लिए माइक्रो फॉगर लगाया जो पानी को धुंध के रूप में पौधों तक पहुंचाता है, जिससे आठ डिग्री तक तापमान कम हो जाता है। उन्होंने बताया कि स्टॉबेरी की फसल तैयार करने में काजरी जोधपुर के वैज्ञानिकों का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा है।
वजन कम करने में सहायक
स्ट्रॉबेरी में कैलोरी कम होती है, जिसका सेवन आप वजन घटाने के लिए भी कर सकते हैं। एक कप स्ट्रॉबेरी में महज 50 कैलोरी होती है। वहीं, एक शोध के अनुसार, स्ट्रॉबेरी में कैंसर प्रिवेंटिव और कैंसर थेराप्यूटिक गुण मौजूद होते हैं, जो कैंसर के बचाव और इसके उपचार में प्रभावी असर दिखा सकते हैं। शोध में यह भी पाया गया कि स्ट्रॉबेरी ब्रेस्ट कैंसर के लिए भी लाभकारी सिद्ध हो सकती है।