मेड़ता सिटी में मूंग खरीद घोटाले का खुलासा, किसानों का धरना जारी
(सभी तस्वीरें- हलधर)राजस्थान में सरकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर मूंग खरीद के नाम पर नागौर जिले के मेड़ता सिटी में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। किसानों ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से मिलावटी मूंग की खरीद कर करोड़ों की लूट की जा रही थी। इस मामले के खुलासे के बाद किसान पिछले छह दिनों से धरने पर बैठे हैं और सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।
रात में पकड़ा गया मिलावटी मूंग से भरा ट्रक
मामले की शुरुआत 11 फरवरी की रात को हुई, जब तिलम संघ केंद्र पर संदिग्ध परिस्थितियों में हरियाणा नंबर का एक ट्रक पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि ट्रक में सीकर से भरा गया करीब 35 टन मिलावटी मूंग था। किसानों और भाजपा इंदावड़ मंडल अध्यक्ष रामअवतार लेगा ने रात करीब 10:30 बजे तहसीलदार और पुलिस को सूचना दी, लेकिन अधिकारियों की देरी ने कई सवाल खड़े कर दिए। विरोध स्वरूप किसानों ने रात में ही धरना स्थल पर ‘तेजागायन’ कर अपना आक्रोश जताया।
किसानों का आरोप—ग्रेडिंग के नाम पर कटौती, रात में मिलावट
भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष सुशील रियाड़ सहित किसानों ने आरोप लगाया कि खरीद केंद्र पर बड़े स्तर पर लूट हो रही है। किसानों को ‘ग्रेडिंग’ के नाम पर डराया जाता है और उनकी उपज में भारी कटौती कर कम भुगतान किया जाता है। वहीं ठेकेदार के कर्मचारी रात में खराब माल को नई बोरियों में भरकर अच्छे माल के साथ मिलाते पाए गए। किसानों का आरोप है कि यह पूरा खेल अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से चल रहा है।
मशीन खराब, किसानों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ
किसानों ने बताया कि जिला मुख्यालय के केंद्र पर पिछले छह दिनों से ग्रेडिंग मशीन खराब पड़ी है। मजबूरी में किसानों को बाहर से 160 रुपये प्रति क्विंटल की दर से ग्रेडिंग करानी पड़ रही है, जो सरकारी दर से 60 रुपये अधिक है। मंडी सचिव और सहकारिता विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं, जबकि किसान रोजाना करीब 1500 रुपये तक का किराया देकर परेशान हो रहे हैं।
खरीद बंद होने के बाद पहुंचा 25 लाख का मूंग
सबसे बड़ा सवाल यह है कि 7 फरवरी को आधिकारिक खरीद बंद होने के बावजूद करीब 25 लाख रुपये कीमत का मूंग केंद्र परिसर में कैसे पहुंच गया। इस मामले की शिकायत जयपुर में राजफेड के प्रबंध निदेशक तक पहुंच गई है। कलेक्टर की जांच टीम की रिपोर्ट के बाद संबंधित कंपनी पर केस दर्ज कर दिया गया है।
दोषियों की गिरफ्तारी और सीबीआई जांच की मांग
किसान संगठन मांग कर रहे हैं कि असली दोषियों को जेल भेजा जाए और ठेकेदार को हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट किया जाए। छठे दिन भी किसानों का धरना जारी है। सरकारी टीम गोदाम में रखे माल की गिनती कर रही है, लेकिन इस पूरे मामले ने सरकारी खरीद व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मेहनत की कमाई का पूरा हिसाब नहीं मिलता और दोषियों को सजा नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।