विधानसभा में MSP खरीद के सवाल पर सहकारिता मंत्री ने दिया ये जवाब
(सभी तस्वीरें- हलधर)जयपुर। प्रदेश के सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने विधानसभा में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों से बढ़े हुए मूल्य पर कृषि जिन्सों की खरीद कर रही है। मंत्री दक ने बताया कि किसानों की उपज को तय समयावधि में खरीदने के लिए पंजीयन और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं समय से पहले पूरी कर ली जाती हैं।
गेहूं पर ₹150 प्रति क्विंटल बोनस
सहकारिता मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में गेहूं के समर्थन मूल्य पर प्रति क्विंटल 150 रुपये का बोनस दे रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022-23 की तुलना में वर्तमान सरकार ने गेहूं की खरीद दोगुनी कर किसानों को सीधा लाभ पहुंचाया है।
मूंगफली खरीद में पांच गुना बढ़ोतरी
प्रश्नकाल के दौरान विधायक सुरेश गुर्जर के पूरक प्रश्न का जवाब देते हुए मंत्री दक ने बताया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में मात्र 1 लाख 74 हजार 600 मीट्रिक टन मूंगफली खरीदी गई थी, जबकि वर्तमान सरकार ने दो वर्षों में ही 7 लाख 94 हजार मीट्रिक टन मूंगफली खरीदकर 2 लाख 30 हजार किसानों को लाभान्वित किया है।
बाजार भाव के अनुसार बदलती है MSP खरीद
सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने स्पष्ट किया कि फसलों का बाजार भाव सालभर एक जैसा नहीं रहता और उत्पादन, गुणवत्ता, क्षेत्र व मांग के अनुसार बदलता है। उन्होंने कहा कि MSP पर उपज बेचना किसानों के लिए अनिवार्य नहीं है। जब बाजार भाव ज्यादा होता है, तो स्वाभाविक रूप से MSP पर खरीद कम हो जाती है।
प्रमुख फसलों के MSP में हुई बढ़ोतरी
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में फसलों के MSP में लगातार वृद्धि की गई है।
मूंग: ₹4500 से बढ़कर ₹8700 प्रति क्विंटल
उड़द: ₹4300 से बढ़कर ₹7800 प्रति क्विंटल
सोयाबीन: ₹2500 से बढ़कर ₹5300 प्रति क्विंटल
चना: ₹3100 से बढ़कर ₹5875 प्रति क्विंटल
सरसों: ₹3000 से बढ़कर ₹6200 प्रति क्विंटल
खरीद लक्ष्य केंद्र सरकार तय करती है
सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने बताया कि MSP योजना के तहत खरीद लक्ष्य भारत सरकार द्वारा तय किए जाते हैं। दलहन और तिलहन के लिए संभावित उत्पादन का अधिकतम 25 प्रतिशत खरीद लक्ष्य निर्धारित किया जाता है, जबकि गेहूं का लक्ष्य पिछले वर्षों के खरीद अनुभव के आधार पर तय होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लक्ष्य किसानों से खरीद की सीमा नहीं है।
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