Camel Milk पर बड़ा ऐलान: शिवराज ने थार विकास की कार्ययोजना बताई
(सभी तस्वीरें- हलधर)बीकानेर। केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एनआरसीसी द्वारा शुरू किए आई लव कैमल मिल्क अभियान को समर्थन देते हुए कहा कि आत्मनिर्भर थार के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जायेगी। जिसमें बीकानेर के सभी संस्थानों की सहभागिता सुनिश्चित होगी। वे राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र में आयोजित समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि इंटीग्रेटेड खेती केवल अनाज उत्पादन तक सीमित नहीं है। बागवानी और पशुपालन भी इसके मुख्य घटक है। उन्होंने उन्नत बीज, औषधीय खेती, खेजड़ी के महत्व जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। इस अवसर पर आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एमएल जाट कहा कि यदि बीकानेर में स्थित आईसीएआर के सातों संस्थान एक टीम के रूप में कार्य करें, तो थार क्षेत्र में स्थायी विकास और खुशहाली सुनिश्चित की जा सकती है। इससे पूर्व मंत्री चौहान ने केन्द्र की विभिन्न अनुसंधान गतिविधियों का अवलोकन किया। ऊँट-गाड़ी की सवारी, ऊँट फार्म में नवजात (टोरडियों) की देखभाल संबंधी कार्यों, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन, प्रस्ंस्करण से जुड़ी वैज्ञानिक गतिविधियों और उष्ट्र संग्रहालय का अवलोकन किया। साथ ही, आई लव कैमल मिल्क अभियान के पोस्टर का विमोचन भी किया।
आयोजित होगी बैठक
चौहान ने कहा कि शीघ्र ही बीकानेर स्थित आईसीएआर के विभिन्न संस्थानों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की जायेगी। इस बैठक में थार विकास के लिए सुझाव लिए जायेंगे। बैठक के दौरान संस्थान के निदेशक डॉ. अनिल कुमार पूनिया ने कै मल मिल्क अभियान के साथ-साथ संस्थान की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। बैठक में केन्द्रीय विधि राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल और सडक़ परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा भी मौजूद रहें।