चित्तौड़गढ़ में एक लाइसेंस निलंबित, 7 खाद विक्रेताओं को नोटिस जारी
(सभी तस्वीरें- हलधर)चित्तौड़गढ़, 27 मई। जिले में किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। बुधवार को विभिन्न उर्वरक विक्रेताओं के यहां औचक निरीक्षण किए गए, जिनमें कई अनियमितताएं सामने आने पर विभाग ने कड़ी कार्रवाई की।
सहायक निदेशक कृषि द्वारा
मैसर्स किसान जीएसएस आकोला के विक्रय परिसर का निरीक्षण किया गया। जांच में प्रतिष्ठान पर मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं मिली तथा स्टॉक रजिस्टर निर्धारित प्रारूप में संधारित नहीं पाया गया। इसके अलावा स्टॉक रिकॉर्ड में अंतर और दस्तावेजों में अनियमितताएं मिलने पर कृषि अधिकारी प्रशांत कुमार जाटोलिया ने उर्वरक अनुज्ञापत्र निलंबन की अनुशंसा की। संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) डॉ. शंकर लाल जाट ने अनुशंसा के आधार पर मैसर्स किसान जीएसएस आकोला का उर्वरक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
उर्वरक नियंत्रण आदेश
इसी क्रम में कृषि विभाग की टीम ने मैसर्स राम फर्टिलाइजर्स, ग्राम सेवा सहकारी समिति, हर्षित फर्टिलाइजर्स एवं खाटू श्याम खाद बीज भंडार घटियावली का भी निरीक्षण किया। उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के नियमों की पालना में कमियां पाए जाने पर इन प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। वहीं श्रीजी कृषि सेवा केन्द्र ताणा, आसापुरा कृषि सेवा केन्द्र ताणा और पूजा बीज भंडार ताणा के निरीक्षण में भी अनियमितताएं मिलने पर विभाग ने संबंधित विक्रेताओं को नोटिस थमाए।
कृषि विभाग ने जिले के सभी आदान विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए हैं
वे नियमानुसार उर्वरकों का विक्रय करें, किसानों को अनिवार्य रूप से बिल उपलब्ध करवाएं तथा सभी रिकॉर्ड और दस्तावेज सही तरीके से संधारित रखें। विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।