धान में ब्लास्ट रोग का बढ़ा खतरा, पत्तियों पर धब्बे दिखें तो सावधान
(सभी तस्वीरें- हलधर)जयपुर। धान की फसल पर इन दिनों ब्लास्ट रोग का खतरा मंडराने लगा है। इसलिए समय पर रोकथाम के प्रति किसानों को सचेत रहने की जरूरत है। समय पर बीमारी का रोकथाम नहीं हुआ तो उत्पादन आधा रह जाएगा। जब किसान को धान के पौधे पर धब्बे दिखाई देना शुरू हो जाए, तो समझ लें कि रोग की शुरूआत हो चुकी है। उसके बाद धीरे- धीरे रोग पूरी फसल को चपेट में ले लेता है। इस रोग का शुरू में इलाज हो सकता है। ज्यादा फसल में बढऩे के बाद इसका रोकथाम नहीं हो सकता है। अब किसान रोजाना फसलों की जांच करें और धब्बे दिखाई देने पर तुरंत विशेषज्ञों की सलाह से दवाइयों का छिडक़ाव करें।
क्या है बलस्ट
धान का यह रोग पिरीकुलेरिया ओराइजी कवक द्वारा फैलता है। यह काफ ी खतरनाक रोग माना जाता है। इससे फसल को काफी नुकसान पहुंचाता है। इस रोग से ग्रसित पौधे की पत्तियों और उनके निचले भागों पर छोटे और नीले रंग के धब्बे बनने लगते हैं और बाद में आकार में बढकर यह धब्बें नाव की तरह दिखाई देने लगते हैं।
यह करें किसान
कृषि विश्वविद्यालय कोटा के डॉ. डीएल यादव ने बताया कि इस रोग के नियंत्रण के लिए किसान कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 50 डब्ल्यूपी 3 ग्राम प्रति लीटर पानी + एसीफेट 1 ग्राम प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर छिडक़ाव करें।