डबल इंजन सरकार को बेपटरी कर रहे हैं पटवारी, जानिए क्या है पूरा मामला...

नई दिल्ली 10-Nov-2025 03:19 PM

डबल इंजन सरकार को बेपटरी कर रहे हैं पटवारी, जानिए क्या है पूरा मामला...
(सभी तस्वीरें- हलधर)

बीकानेर जिले की श्रीडूंगरगढ़ विधानसभा में गिरदावरी में चांदी कूटने का मामला सामने आया है। यहां पटवारी किसानों से काली कमाई करने में जुटे हैं। गिरदावरी के बदले किसानों को नोचा जा रहा है। रिकॉर्ड दुरुस्ती के नाम पर किसानों से 5 से 10 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। पैसे नहीं देने पर उपजाऊ भूमि को पटवारी गिरदावरी में बंजर भूमि दिखा रहे हैं। इससे किसान सरकार की न्यूनमत समर्थन मूल्य (एमएसपी) खरीद प्रक्रिया से स्वत: यहीं बाहर होते नज़र आ रहे हैं। ऐसे में कहा जा सकता है कि पटवारी डबल इंजन सरकार को बेपटरी करने पर तुले हैं। 

किसानों की आय ऐसे दोगुनी करेगी सरकार?

एक ओर जहां सरकार हर दिन किसानों की आय दोगुनी और सशक्तिकरण करने की बात करती है, वहीं पटवारी किसानों का खून चूस रहे हैं। जब इस मामले की शिकायत श्रीडूंगरगढ़ विधायक तारांचद सारस्वत के पास पहुंची तो उन्होंने मौके पर जाकर खुद जांच-पड़ताल की। जब मामला सहीं निकला तो विधायकजी भी नाराज नज़र आए। श्रीडूंगरगढ़ के बिग्गा क्षेत्र में दिखनादी रोही के किसान राजू जाखड़ ने विधायक सारस्वत के सामने खुलासा किया कि पटवारी राकेश कड़वासरा जमीन को गिरदावरी में बंजर दिखाया हुआ है। उन्होंने बताया कि पटवारी गिरदावरी में फसल जुड़वाने के लिए 5 हजार रुपये मांग रहा है। किसान की बात सुनकर विधायक भी हैरान और परेशान हुए। 

किसान राजू जाखड़ ने विधायक तारांचद सारस्वत को आगे बताया, 'मैंने खसरा नंबर 1092 में 10 बीघा जमीन में मूंगफली बोई थी, लेकिन पटवारी रिकॉर्ड में जमीन को बिरानी (बंजर) दिखा रहा है।' विधायक ने मौके पर खसरा नंबर 301 के 25 बीघा खेत का भी निरीक्षण किया। यही हाल वहां भी नज़र आए। इस पर भाजपा विधायक सारस्वत ने कहा, 'जो अधिकारी और कर्मचारी किसानों के साथ अन्याय कर रहे हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। किसानों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर सख्त कार्यवाही होगी, जरूरत पड़ी तो एफआईआर भी दर्ज करवाई जाएगी। जिनकी गिरदावरी गलत हुई है, वे अपनी शिकायत तुरंत दर्ज करवाएं। सरकार किसानों के हित में काम कर रही है, और हर किसान को न्याय दिलाया जाएगा।' 

गिरदावरी के बाद ही होती है एमएसपी पर खरीद

ज्ञात रहे कि सरकार द्वारा एमएसपी पर खरीदी जा रही फसलों का खरीदान, पटवारी द्वारा गिरदावरी के बाद ही होता है। अगर गिरदावरी में जिन किसानों की जमीन को पटवारी बंजर दिखा देते हैं, उनकी फसल की सरकारी खरीदारी MSP पर नहीं होती है। बिरानी दिखाने का मतलब है, यानी किसान ने खेत में वो फसल बोई ही नहीं है, या जमीन बंजर है, जिसकी एमएसपी पर खरीदारी हो रही है। पटवारियों की इस मनमानी ने क्षेत्र के हजारों किसानों को चिंता में डाल दिया है।


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