फसलवार कंटिजेंसी प्लान तैयार करें राज्य सरकारें
(सभी तस्वीरें- हलधर)केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अल नीनो पर चर्चा करते हुए कम बारिश संभावित जिलो के लिए फसलवार कंटिजेंसी प्लान तैयार करने के निर्देश राज्य सरकारों को दिए । ताकि किसी भी मौसमीय चुनौती की स्थिति में किसानों को तुरंत विकल्प, सलाह और सहायता उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कपास- दलहन मिशन, जल संरक्षण, नमी प्रबंधन, इंटरक्रॉपिंग और वैकल्पिक फसल पैटर्न पर भी ज़ोर दिया। साथ ही हर सप्ताह कंटिजेंसी प्लान और खाद उपलब्धता की मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। बैठक में खरीफ 2026 के लिए फसलवार लक्ष्य, बुवाई की प्रगति और राज्यवार तैयारियों की समीक्षा करते हुए कपास उत्पादन बढ़ाने पर विशेष चर्चा हुई। चौहान ने वैज्ञानिक तरीकों, सही किस्मों के चयन, अंतरफसली खेती, मल्चिंग और नमी संरक्षण जैसे उपायों को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने पर जोर दिया, ताकि कपास की उत्पादकता और आय दोनों में सुधार हो।
दलहन आत्मनिर्भरता पर ज़ोर
दलहन आत्मनिर्भरता मिशन पर भी विचार-विमर्श हुआ। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि सरकार का प्रयास है कि अरहर, उड़द, मूंग जैसी दालों में देश अधिक से अधिक आत्मनिर्भर बने और आयात पर निर्भरता कम हो। इसके लिए राज्यों के साथ मिलकर फसल चक्र, क्षेत्र विस्तार, बेहतर बीज उपलब्धता और तकनीकी मार्गदर्शन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि किसान सुरक्षित आय के साथ दलहन उत्पादन बढ़ा सकें।
उर्वरकों की अग्रिम आपूर्ति के निर्देश
समीक्षा के दौरान उर्वरकों की उपलब्धता, बाजार में मंडी भाव, जलाशयों व जल भंडारण की स्थिति और राज्यवार स्टॉक की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर उर्वरक उपलब्धता है और जैसे-जैसे मानसून की रफ्तार बढ़ेगी, राज्यों और जिलों तक आपूर्ति को और चुस्त-दुरुस्त रखा जाएगा। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देने के साथ ही इस पर भी जोर दिया कि जहां कहीं भी सूक्ष्म स्तर पर कमी की आशंका दिखे, वहां उर्वरकों की अग्रिम आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि किसान को किसी तरह की दिक्कत न हो।