बीमार पत्नी, परिवार की जिम्मेदारी फिर भी ट्रांसफर नहीं! निगम पर सवाल
(सभी तस्वीरें- हलधर)जयपुर। मानवीय संवेदनाओं को देखते हुए सरकार भी आईएएस और आईपीएस सेवा के अधिकारियों को सामान्य परिस्थितियों में कैंडर चेंज के जरिए एक साथ रहने का अवसर प्रदान करती है। लेकिन, जब मामला राष्ट्रीय बीज निगम से जुड़ा हो तो मुंह से राम...राम...राम ही निकलता है। किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज का दंभ भरने वाले इस निगम में मानवीय संवेदनाओं की कोई जगह नहीं है। हालात, यह है कि लिखित और मौखिक रूप से अनुनय-विनय करने के बाद भी अध्यक्ष की हठधर्मिता अपनी जगह है और कार्मिक की पीड़ा और उसका परिवार अपनी जगह। मामला है राष्ट्रीय बीज निगम के क्षेत्रीय कार्यालय जयपुर से जुड़े कार्मिक अवधेश शर्मा का। जिन्होंने अपनी पारिवारिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए कई बार निगम के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डॉ. मनिंदर कौर द्विवेदी को अपना टांसफर जयपुर से निगम के मुख्यालय यानी दिल्ली करने का आग्रह किया। लेकिन, अध्यक्ष से कार्मिक की पीड़ा से कोई सरोकार नहीं दिखाया। ऐसे में कहा जा सकता है कि राष्ट्रीय बीज निगम की अध्यक्ष के सामने सरकार की संवेदना भी कोई मायने नहीं रखती है।
यह है मामला
सूत्रों ने बताया कि जयपुर कार्यालय में कार्यरत अवधेश शर्मा की पत्नी काफी समय से किडऩी संबंधी बीमारी से जूझ रही है। चिकित्सीय रिपोर्ट के मुताबिक इनकी दोनों किडऩी खराब है। ऐसे में परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी स्वत: ही पति पर आ जाती है। लेकिन, एक महिला होने के बाद भी निगम की अध्यक्ष अपनी हठधर्मिता का परिचय दे रही है। गौरतलब है कि कार्मिक अवधेश की पत्नी ने बीमारी के चलते सरकारी भी छोड़ दी है।
कामचलाऊ अध्यक्ष का रौब
सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय बीज निगम मेें पूर्णकालिक अध्यक्ष की नियुक्ति हुए एक लंबा अरसा बीत चुका है। पिछले लंबे समय से निगम के वरिष्ठ अधिकारियो को ही अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक का कार्यभार सौंपा जा रहा है। ऐसे में अघ्यक्ष डॉ. मनिंदर कौर द्विवेदी जैसा मिल जाएं तो बिल्ली के भाग से छींका टूटने की बात चरितार्थ होती नजर आती है। जिसे निगम का कारोबार बढ़ाने वालों के परिवार से ही कोई सरोकार नहीं है।