बनेगा एग्रीस्टैक कमिश्नरेट, लागू होगा फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाईजर सेल

नई दिल्ली 10-Aug-2026 04:59 PM

बनेगा एग्रीस्टैक कमिश्नरेट, लागू होगा फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाईजर सेल

(सभी तस्वीरें- हलधर)

जयपुर। कृषि आयुक्तालय में अलग से  एग्रीस्टैक आयुक्तालय की स्थापना की जायेगी।  राज्य में अब तक 87 लाख 44 हजार 842 किसान  पंजीकृत हो चुके हैं, जो निर्धारित लक्ष्य का 96.95 प्रतिशत है।  एग्रीस्टैक से संबंधित कार्य के लिये राजस्थान को  अब तक 737 करोड़ रूपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत हुई है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने यह जानकारी  एग्रीस्टैक स्टीयरिंग कमेटी की बैठक मे दी।  बैठक में फॉर्मर रजिस्ट्री, फॉर्मर आईडी, डिजिटल क्रॉप सर्वे , डेटा सिंक्रोनाइजेशन, एग्रीस्टैक आधारित उर्वरक वितरण, एमएसपी पर खरीद ओर आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने फॉर्मर रजिस्ट्री से  शेष किसानो का  पंजीकरण अभियान के रूप में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कम प्रगति वाले जिलों में विशेष फील्ड विजिट, संभागवार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ,प्रशिक्षण ओर  कृषि पर्यवेक्षकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि फॉर्मर रजिस्ट्री को शत-प्रतिशत पूर्ण करने के लिए मोबाइल ऐप का व्यापक उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा शेष कृषकों को एसएमएस, समाचार पत्रों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों एवं अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जाए।

 बैठक में बताया गया कि 

मुख्य सचिव ने कृषक रजिस्ट्री एवं राजस्व अभिलेखों के बीच नियमित एवं स्वचालित समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इससे नामांतरण के बाद भूमि संबंधी नवीनतम जानकारी स्वतः अपडेट हो सकेगी । उन्होंने नामांतरण के समय आधार संख्या एवं कृषक पहचान संख्या दर्ज करने की व्यवस्था शीघ्र लागू करने तथा संबंधित विभागों के बीच आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने को कहा। 

पूरे प्रदेश में लागू करने के निर्देश 

कृषि विभाग की प्रमुख शासन सचिव मंजू राजपाल ने बैठक में बताया कि राजसंद एवं सिरोही में फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाईजर सेल लागू किया जा चुका है। जिसके अंतर्गत 65 हजार से अधिक किसानों द्वारा 10 हजार मैट्रिक टन से अधिक उर्वरक क्रय किया जा चुका है। इस पर मुख्य सचिव ने फ्रेमवर्क की सफलता को देखते हुए एग्रीस्टैक आधारित उर्वरक वितरण व्यवस्था को पूरे प्रदेश में लागू करने ओर  किसानों को उर्वरक खरीद में सुगमता एवं पारदर्शिता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।   उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सहित अन्य योजनाओं के शेष लाभार्थियों को कृषक पहचान संख्या से जोड़ने के लिए तथा किसानों को जागरूक करने को कहा।

गांवों का ऑनलाइन सर्वेक्षण

उन्होंने रबी के डिजिटल फसल सर्वेक्षण की समीक्षा करते हुए आगामी खरीफ 2083 में सर्वेक्षण को अधिक सटीक एवं सहभागी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि लक्षित 2.36 करोड़ खसरों में से 1.89 करोड़ खसरों का सर्वेक्षण पूर्ण किया गया, जो 80.21 प्रतिशत है।उन्होंने खरीफ 2083 में सभी 424 ऑनलाइन तहसीलों एवं 50,478 ऑनलाइन गांवों में सर्वेक्षण सुनिश्चित करने तथा 20 मीटर भू-सीमा निर्धारण एवं भू-चिह्नित फसल फोटो के माध्यम से प्रमाणिक आंकड़े संकलित करने के निर्देश दिए। किसानों की प्रत्यक्ष भागीदारी बढ़ाते हुए कम से कम 25 प्रतिशत यानी लगभग 71 लाख खसरों की स्वयं गिरदावरी का लक्ष्य हासिल करने पर भी जोर दिया।

क्या है एग्रीस्टैक

एग्रीस्टैक एक बहु विभागीय पहल है। इसके लिए कृषि विभाग, राजस्व मंडल, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग, एनआईसी, सहकारिता विभाग, राजफेड तथा जिला प्रशासन के मध्य निरंतर समन्वय आवश्यक है। एग्रीस्टैक के माध्यम से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग किसानों को समय पर एवं लक्षित सेवाएं उपलब्ध कराने, फसल एवं उर्वरक संबंधी आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझने तथा कृषि योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए किया जाना चाहिए।


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