गेहूं-चावल भंडारण में कीट नियंत्रण, icar से किया एमोयू
(सभी तस्वीरें- हलधर)नई दिल्ली। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और भारतीय खाद्य निगम ने गेहूं व चावल के भंडारण में लगने वाले कीटों के सुरक्षित और टिकाऊ प्रबंधन के लिए वैकल्पिक धूमन तकनीकों पर शोध हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
दो वर्षीय प्रथम चरण की परियोजना का संचालन लुधियाना स्थित आईसीएआर-सीआईपीएचईटी करेगा। इसमें धातु साइलो में गेहूं के लिए 99 प्रतिशत से अधिक शुद्ध नाइट्रोजन गैस तथा गोदामों में गेहूं-चावल के लिए कार्बन डाइऑक्साइड, फॉस्फीन और इनके संयुक्त प्रयोग का परीक्षण किया जाएगा। हर्मेटिक कवर के तहत कार्बन डाइऑक्साइड से कीट नियंत्रण का भी परीक्षण होगा।
आईसीएआर के अनुसार, पारंपरिक रसायनों के बार-बार उपयोग से कीटों में प्रतिरोध बढ़ रहा है। नई परियोजना का उद्देश्य सुरक्षित, टिकाऊ और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित विकल्प विकसित करना है।