राजस्थान के सहकारी कृषि उत्पाद पहुंचेंगे अंतरराष्ट्रीय बाजार तक
(सभी तस्वीरें- हलधर)जयपुर। राजस्थान में सहकारी क्षेत्र के कृषि उत्पादों के निर्यात और जैविक उत्पादों के व्यापार को बढ़ावा देने के लिए राजफेड की ओर से राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (एनसीईएल) एवं राष्ट्रीय सहकारी जैविक लिमिटेड (एनसीओएल) के साथ आमुखीकरण कार्यक्रम अपेक्स बैंक सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेशभर से करीब 125 सहकारी समितियों के प्रमुखों और सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।
राजफेड के प्रबंध निदेशक सौरभ स्वामी ने बताया कि प्रदेश की सहकारी समितियों के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रत्येक जिले से एक विशिष्ट उत्पाद का चयन किया गया है। इन उत्पादों को एनसीईएल के माध्यम से निर्यात योग्य बनाया जाएगा। इससे स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने के साथ उत्पादकों की आय बढ़ाने और बिचौलियों की भूमिका कम करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि भविष्य में एनसीईएल पोर्टल को राजफेड के ओपीआर पोर्टल से एकीकृत किया जाएगा। इससे क्रय-विक्रय समितियों के माध्यम से होने वाले कारोबार और अंतरराष्ट्रीय उत्पादों की जानकारी समितिवार उपलब्ध हो सकेगी। एनसीईएल के प्रबंध निदेशक अनुपम कौशिक ने संस्था की कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए बताया कि सहकारी समितियों से सीधे संवाद के लिए 11 भाषाओं में व्हाट्सऐप ग्रुप बनाए गए हैं। समिति सचिवों को इन ग्रुपों से जोड़ा जाएगा। साथ ही 500 मीट्रिक टन या उससे अधिक क्षमता वाले गोदामों का कृषि उत्पादों के भंडारण एवं प्रोसेसिंग के लिए उपयोग किए जाने की संभावनाओं पर भी जानकारी दी गई।
एनसीओएल प्रतिनिधि विनीत कुमार ने जैविक उत्पादों के व्यवसाय और विपणन की जानकारी देते हुए बताया कि राजस्थान में एनपीओपी और पीजीएस योजनाओं के माध्यम से जैविक उत्पादों का काम किया जा रहा है। नागौर जिले में जैविक अभियान की सफलता को देखते हुए भारत ऑर्गेनिक उत्पादों को क्रय-विक्रय सहकारी समितियों के सुपर बाजार और कॉनफेड के भंडारों पर उपलब्ध कराने की योजना है।
कार्यक्रम में सहकारी समितियों के अध्यक्षों ने अपने क्षेत्रों के विशिष्ट कृषि उत्पादों के निर्यात और बड़े स्तर पर विपणन में सहयोग का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर सहकारिता विभाग और राजफेड के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।