मानसून की मेहर से खरीफ बुवाई 1.45 करोड़ हेक्टेयर के पार
(सभी तस्वीरें- हलधर)जयपुर। मानसून की जोरदार बारिश से खरीफ फसलों की बुवाई का रकबा बढ़ रहा है। प्रदेश में खरीफ फसलों की बुवाई डेढ़ करोड़ हैक्टयर क्षेत्र के करीब पहुंच चुकी है। औसत बारिश के हिसाब से हर दिन जिलों की स्थिति में बदलाव आ रहा है। गौरतलब है कि ज्वार, धान, मक्का की बुवाई शत प्रतिशत से अधिक दर्ज हुई है। जबकि, बाजरा, मूंगफली और दहलनी फसलों की बुवाई लक्ष्य से 80 फीसदी से ज्यादा हुई है। गौरतलब है कि हाड़ौती संभाग में इस बार किसान धान की सीधी बुवाई को प्राथमिकता दे रहे है। क्योंकि, किसानों का मौसम साथ नहीं दे रहा है। उधर, जल संसाधन विभाग के आंकड़ों पर पर नजर डाले तो दो-तीन जिलों को छोडक़र अधिकांश जिलों में इन्द्रदेव की मेहर बनी हुई है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल बारिश कम हुई है। लेकिन, समय-समय पर हो रही बारिश से फसलों को जीवनदान मिल रहा है। इससे बेहत्तर उत्पादन की संभावना देखी जा सकती है। उधर, फसलों की बढ़वार के साथ कीट-रोग की समस्या भी बढऩे लगी है। बाजरा, मक्का, कपास में कीट प्रकोप दर्ज होने लगा है। समय पर कीट-रोग की रोकथाम के लिए कृषि वैज्ञानिकों के साथ-साथ कृषि विभाग ने भी किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। उल्लेखनीय है कि इस साल कृषि विभाग ने एक करोड़ 65 लाख हैक्टयर क्षेत्र मेें फसल बुवाई का लक्ष्य रखा है। लक्ष्य की तुलना में फसलों की बुवाई 88 फीसदी से ज्यादा हो चुकी है।
अगेती की निराई- गुड़ाई शुरू
जिन किसानों ने खरीफ फसलो की अगेती बुवाई की थी, वह अपने खेतों में अब निराई-गुड़ाई के कार्य में जुट गए हैं। किसान इन दिनों मूंगफली, बाजरा, ग्वार की फसल में निराई गुडाई का कार्य कर रहे है।
मिर्च में आर्द्रगलन
मिर्च फसल में आर्द्रगलन रोग नुकसान पहुंचाता है। रोग का प्रकोप पौधें की छोटी अवस्था में होता है। इस रोग से पौधें का नीचला भाग काला पड़ जाता है। छोटे पौधें नष्ट हो जाते है। रोग नियंत्रण के लिए बीज को 3 ग्राम केप्टॉन प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचारित करें।
बाजरे में सफेद लट
बाजरे की फसल में सफेद लट की समस्या देखने को मिल रही है। किसान सफेद लट नियंत्रण के लिए बाजरा की खडी फसल में इमिडाक्लोप्रिड 17.8 प्रतिशत एसएल 500 मिली अथवा क्यूनालफॉस 25 ईसी 4 लीटर दवाई प्रति हैक्टयर की दर से 80 से 100 किलोग्राम सूखी मिट्टी अथवा बजरी में मिलाकर बरसात आने से कुछ समय पहले भुरकाव करें। यदि वर्षा नही हो रही है तो फव्वारा चला कर सिंचाई कर्रें। ताकि कीटनाशक पानी के साथ घुलकर जड़ क्षेत्र तक जाए। जिससे सफदे लट की ग्रब को नष्ट किया जा सके।
मक्का में फाल आर्मी वर्म
मक्का फसल में फाल आर्मी वर्म कीट नियंत्रण के लिए ईमामेक्टीन बेन्जोएट 5 एस जी 0.4 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल करके छिडक़ाव करने की सलाह किसानों को दी है। इसके अलावा स्पिनोसेड़ 45 ईसी 175 0.3 मिली प्रति लीटर पानी अथवा क्लोरएंट्रानिलीप्रोल 18.5 एसी 0.4 मिली प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिडक़ाव कर सकते है। वैज्ञानिकों ने इसके मौथ नियंत्रण के लिए खेतों में प्रकाशपाश लगाने की सलाह दी है। बता दें कि इसके मौथ एक रात में 100 किलोमीटर तक की दूरी तय कर संक्रमण फैलाते है। इसकों रोक ने के लिए खेत की मेड पर नेपियर घास की रोपाई करें।
फसल बुवाई एक नजर
फसल बुवाई फसल बुवाई
(बुवाई लाख हैक्टयर में)