सरकार की डीएपी-यूरिया की कालाबाजारी पर पैनी नजर

नई दिल्ली 06-Oct-2026 03:52 PM

सरकार की डीएपी-यूरिया की कालाबाजारी पर पैनी नजर

(सभी तस्वीरें- हलधर)

जयपुर। रबी सीजन की बुआई शुरू होने से पहले राजस्थान सरकार ने खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को लेकर निगरानी बढ़ा दी है। किसानों को डीएपी और यूरिया की कमी नहीं हो, इसके लिए मंगलवार को शासन सचिवालय में राज्य स्तरीय फर्टिलाइजर डिस्ट्रीब्यूशन रेगुलेटरी टास्क फोर्स की बैठक हुई। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि किसानों को मांग के अनुरूप समय पर खाद मिले और जमाखोरी, कालाबाजारी व अवैध भंडारण पर प्रभावी कार्रवाई की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि रबी बुआई के दौरान खाद की उपलब्धता में किसी तरह की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। केन्द्र से मिले उर्वरक आवंटन का समय पर जिलों तक वितरण और आपूर्तिकर्ता कंपनियों से लगातार सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने जिलों में उपलब्ध स्टॉक और वास्तविक मांग की लगातार समीक्षा कर कमी की आशंका होने पर तत्काल आपूर्ति बढ़ाने को कहा।

प्रदेश में लाखों टन खाद का स्टॉक

सरकार के अनुसार प्रदेश में फिलहाल 3 लाख 73 हजार मैट्रिक टन यूरिया, 1 लाख 4 हजार मैट्रिक टन डीएपी, 95 हजार मैट्रिक टन एनपीके और 2 लाख 9 हजार मैट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है। सरकार का दावा है कि उर्वरकों की आपूर्ति लगातार जारी है।

744 निरीक्षक रखेंगे नजर

उर्वरक वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक वितरण केन्द्र पर कृषि पर्यवेक्षक और सहायक कृषि अधिकारियों की मौजूदगी सुनिश्चित की जा रही है। वहीं 744 उर्वरक निरीक्षकों को जमाखोरी, कालाबाजारी, टैगिंग और अवैध भंडारण जैसी गड़बड़ियों पर निगरानी और कार्रवाई की जिम्मेदारी दी गई है। प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी मंजू राजपाल ने बताया कि ‘धरती माता बचाओ अभियान’ के तहत गठित समितियां भी खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी कर रही हैं।

मांग के हिसाब से बनेगी जिलेवार सप्लाई योजना

भारत सरकार की ओर से राज्यों को माहवार और कम्पनीवार उर्वरक आवंटन किया जाता है। इसके आधार पर राजस्थान सरकार जिलों की वास्तविक मांग का आकलन कर जिलेवार आपूर्ति योजना तैयार कर रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जहां मांग अधिक हो, वहां उपलब्धता बनाए रखने के लिए समय रहते कदम उठाए जाएं। बैठक में शासन सचिव सहकारिता डॉ. समित शर्मा, आयुक्त कृषि नरेश कुमार गोयल तथा इफको, कृभको, आईपीएल, सीएफसीएल, एनएफएल और एचयूआरएल समेत प्रमुख उर्वरक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे


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