पूसा कृषि सम्मेलन में गूंजा ‘समृद्ध किसान-विकसित भारत’ का संकल्प
(सभी तस्वीरें- हलधर)नई दिल्ली स्थित ICAR-Indian Agricultural Research Institute (Pusa Campus) में आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में आज कृषि क्षेत्र के भविष्य को लेकर व्यापक चर्चा हुई। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर के कृषि विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन में आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों, कृषि उत्पादकता बढ़ाने, जलवायु-अनुकूल खेती, प्राकृतिक खेती, दलहन-तिलहन उत्पादन तथा डिजिटल कृषि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बदलते मौसम और जलवायु चुनौतियों के बीच किसानों की आय बढ़ाने और खेती को तकनीक से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
राजस्थान सरकार की ओर से
सम्मेलन में सक्रिय भागीदारी निभाई गई। प्रदेश के किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कृषि अवसंरचना को मजबूत बनाने, दलहन-तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए गए। साथ ही राज्य में कृषि नवाचारों और किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने के प्रयासों की जानकारी भी दी गई।
सम्मेलन के दौरान यह संदेश प्रमुखता से सामने आया
केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से ही किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सकता है। नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ और ‘समृद्ध किसान’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार करने पर बल दिया गया।
विशेषज्ञों का मानना है
खरीफ 2026 के लिए तैयार हो रही नई रणनीतियां खेती को अधिक टिकाऊ, लाभकारी और तकनीक आधारित बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी, जिसका सीधा लाभ देश के करोड़ों किसानों को मिलेगा।