CM भजनलाल का सख्त संदेश: कोई पशु टीकाकरण से न छूटे, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

नई दिल्ली 15-Jul-2026 01:41 PM

CM भजनलाल का सख्त संदेश: कोई पशु टीकाकरण से न छूटे, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

(सभी तस्वीरें- हलधर)

जयपुर, 14 जुलाई। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पशु स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश का कोई भी पशु लक्षित टीकाकरण से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि पशुओं का स्वास्थ्य सीधे किसानों की आय और आर्थिक समृद्धि से जुड़ा है, इसलिए टीकाकरण अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरी संवेदनशीलता से संचालित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने पशु रोग नियंत्रण की समीक्षा के लिए आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता पशुपालकों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसमें किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

डॉक्टरों-कर्मचारियों को चेतावनी, लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई

बैठक में मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को फील्ड में नियमित मॉनिटरिंग और पशु चिकित्सा संस्थानों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय पर ड्यूटी पर नहीं आने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही सरकारी दवाओं के निजी उपयोग या किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि "बेजुबान पशुओं के उपचार में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि विभागीय रिपोर्टों और आंकड़ों का फील्ड वेरिफिकेशन कराया जाए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

1962 मोबाइल यूनिट और पशु बीमा योजना की होगी निगरानी

मुख्यमंत्री ने 1962 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों के संचालन की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से जिलेवार और उपखंडवार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। इसमें मोबाइल यूनिट, दवा वितरण और मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की समीक्षा भी शामिल होगी।

23.25 लाख पशुओं का बीमा, 64 लाख से अधिक पशुओं का इलाज

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत अब तक 23.25 लाख पशुओं का बीमा किया जा चुका है, जिससे 11.16 लाख से अधिक पशुपालकों को लाभ मिला है।वहीं, प्रदेश में संचालित 536 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों के माध्यम से अब तक 64 लाख से अधिक पशुओं का उपचार किया गया है और करीब 17.5 लाख पशुपालकों को घर के नजदीक पशु चिकित्सा सेवाएं मिली हैं। इस मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिलने के साथ इसके अध्ययन के लिए एशियाई विकास बैंक (ADB) को भी अधिकृत किया गया है। बैठक में पशुपालन एवं गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास तथा मुख्यमंत्री कार्यालय और पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

1962 मोबाइल यूनिट और पशु बीमा योजना की होगी निगरानी

मुख्यमंत्री ने 1962 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों के संचालन की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से जिलेवार और उपखंडवार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। इसमें मोबाइल यूनिट, दवा वितरण और मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की समीक्षा भी शामिल होगी।

23.25 लाख पशुओं का बीमा, 64 लाख से अधिक पशुओं का इलाज

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत अब तक 23.25 लाख पशुओं का बीमा किया जा चुका है, जिससे 11.16 लाख से अधिक पशुपालकों को लाभ मिला है।वहीं, प्रदेश में संचालित 536 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों के माध्यम से अब तक 64 लाख से अधिक पशुओं का उपचार किया गया है और करीब 17.5 लाख पशुपालकों को घर के नजदीक पशु चिकित्सा सेवाएं मिली हैं। इस मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिलने के साथ इसके अध्ययन के लिए एशियाई विकास बैंक (ADB) को भी अधिकृत किया गया है। बैठक में पशुपालन एवं गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास तथा मुख्यमंत्री कार्यालय और पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


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