किसानों को 21 करोड़ से अधिक का लाभ
(सभी तस्वीरें- हलधर)जयपुर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लंबित आपत्तियों और शिकायतों के निस्तारण से डूंगरपुर और जालौर के किसानों को बड़ी राहत मिली है। राज्य स्तरीय शिकायत निराकरण समिति (एसजीआरसी) ने विभिन्न प्रकरणों का निस्तारण करते हुए किसानों को 21 करोड़ रुपए से अधिक का लाभ दिलाया है। पंत कृषि भवन में प्रमुख शासन सचिव कृषि मंजू राजपाल की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में बीमा कंपनियों की ओर से फसल कटाई प्रयोगों पर दर्ज आपत्तियों सहित विभिन्न जिलों के फसल बीमा प्रकरणों की समीक्षा की गई।
मंजू राजपाल ने कहा कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं और बीमा प्रकरणों के निस्तारण में अनावश्यक देरी नहीं होने दी जाएगी। सभी शिकायतों और आपत्तियों का उपलब्ध अभिलेखों, तथ्यों और योजना के दिशा-निर्देशों के आधार पर निष्पक्ष तरीके से निस्तारण किया जा रहा है। कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने कहा कि फसल बीमा योजना के प्रकरणों में तथ्यों और अभिलेखों की जांच कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पात्र किसानों को बीमा लाभ लेने में अनावश्यक परेशानी नहीं हो। बैठक में उद्यानिकी आयुक्त सोहन लाल, अतिरिक्त निदेशक कृषि आदान दानवीर सिंह सहित समिति के सदस्य, संबंधित विभागों के अधिकारी और बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
डूंगरपुर के किसानों को 7.69 करोड़ का लाभ
बैठक में डूंगरपुर जिले के खरीफ-2025 के 155 फसल कटाई प्रयोगों पर बीमा कंपनी की ओर से दर्ज आपत्तियों का निस्तारण किया गया। इससे किसानों को करीब 7.69 करोड़ रुपए का लाभ मिला।
जालौर में सरसों का 1.22 करोड़ का क्लेम पास
जालौर जिले में रबी 2023-24 के दौरान पटवार मंडल चवरडा में सरसों की फसल के फसल कटाई प्रयोगों पर बीमा कंपनी की आपत्तियों का भी निस्तारण किया गया। इसके बाद किसानों का 1.22 करोड़ रुपए का बीमा क्लेम पास किया गया।
13 पटवार मंडलों के 12.36 करोड़ के प्रकरण निस्तारित
जालौर जिले के खरीफ-2024 से जुड़े एक अन्य मामले में 13 पटवार मंडलों में बीमित क्षेत्र वास्तविक बोए गए क्षेत्र से अधिक होने को लेकर करीब 12.36 करोड़ रुपए की आपत्तियां दर्ज थीं। समिति ने गिरदावरी रिपोर्ट तथा बीमित एवं वास्तविक बोए गए क्षेत्र से संबंधित अभिलेखों की जांच के आधार पर इन प्रकरणों का निस्तारण कर किसानों को लाभ दिया।