राजस्थान में बेमौसम बारिश-ओलावृष्टि का कहर, फसलों को भारी नुकसान

नई दिल्ली 20-Mar-2026 12:41 PM

राजस्थान में बेमौसम बारिश-ओलावृष्टि का कहर, फसलों को भारी नुकसान

(सभी तस्वीरें- हलधर)

राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में लगातार तीसरे दिन तेज बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। मार्च के महीने में हो रही इस असामान्य बारिश और कोहरे ने मौसम विशेषज्ञों को भी चौंका दिया है।

तापमान में भारी गिरावट, फरवरी जैसी ठंडक

बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश में दिन का तापमान 11 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। कई शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री से नीचे बना हुआ है, जो पिछले 5 साल में मार्च के तीसरे सप्ताह में पहली बार देखा गया है। फतेहपुर और श्रीगंगानगर जैसे क्षेत्रों में तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा।

ओलों से फसलों को बड़ा नुकसान

टोंक, धौलपुर, डीग, सीकर, अलवर और कोटपूतली-बहरोड़ सहित कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि से रबी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। खेतों में खड़ी सरसों, गेहूं, चना, मूंग जैसी फसलें प्रभावित हुई हैं। वहीं, ईसबगोल की करीब 80 फीसदी और जीरे की 50 प्रतिशत तक फसल खराब होने की आशंका जताई जा रही है।

कोहरे से विजिबिलिटी बेहद कम

श्रीगंगानगर में शुक्रवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी 10 मीटर से भी कम दर्ज की गई। मार्च में इस तरह का कोहरा असामान्य माना जा रहा है, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ।

कई जिलों में भारी बारिश दर्ज

बाड़मेर में पिछले 24 घंटे में 16.7 मिमी, अलवर में 13.4 मिमी, जैसलमेर में 5.4 मिमी और बीकानेर में 5.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। जयपुर में भी अलसुबह 3 बजे से बारिश का दौर जारी रहा, जबकि सीकर में रातभर बूंदाबांदी होती रही। सवाई माधोपुर और दौसा जिले में भी आज सुबह बारिश हुई।

किसानों की चिंता बढ़ी

लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम जल्द साफ नहीं हुआ, तो सरसों और गेहूं की तैयार फसल को भारी नुकसान हो सकता है।