मूंग ने मारी बाजी, मंडी शुल्क में रिकॉर्ड उछाल !

नई दिल्ली 22-May-2026 02:36 PM

मूंग ने मारी बाजी, मंडी शुल्क में रिकॉर्ड उछाल !

(सभी तस्वीरें- हलधर)

राजस्थान की कृषि उपज मंडियों में इस साल कारोबार ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। खासकर मूंग, जीरा और सरसों की बढ़ती आवक ने मंडी शुल्क और किसानों की कमाई दोनों को मजबूत किया है। नागौर मंडी के आंकड़ों के मुताबिक पिछले तीन वर्षों में मंडी शुल्क में करीब 274 लाख रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

मूंग बनी मंडी की सबसे मजबूत फसल
वर्ष 2025-26 में मूंग की आवक 10.81 लाख क्विंटल तक पहुंच गई। व्यापारियों का कहना है कि इस बार मंडी में सबसे ज्यादा खरीद-बिक्री मूंग की ही रही, जिससे किसानों को बेहतर दाम मिले और मंडी की आर्थिक गतिविधियां तेज हुईं।

जीरा कारोबार में भी बड़ा उछाल
जीरे की आवक में भी लगातार तेजी देखने को मिली। वर्ष 2023-24 में जहां करीब 69 हजार क्विंटल जीरा आया था, वहीं 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 1.25 लाख क्विंटल तक पहुंच गया। कई मंडियों में जीरे के भाव 18 हजार से 19,800 रुपये प्रति क्विंटल तक दर्ज किए गए।

सरसों के भाव ने किसानों को किया खुश
सरसों की आवक और दाम दोनों में मजबूती देखने को मिली। राजस्थान की कई मंडियों में सरसों के भाव 6,500 से 7,200 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचे। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत मांग और बेहतर MSP के कारण किसानों को अच्छा फायदा मिल रहा है।

सौंफ और ग्वार में कमजोरी
जहां मूंग और जीरा ने बाजार संभाला, वहीं सौंफ और ग्वार जैसी फसलों में गिरावट दर्ज की गई। व्यापारियों के अनुसार कमजोर मांग के चलते इन फसलों का कारोबार प्रभावित हुआ है।

किसानों और व्यापारियों दोनों को फायदा
मंडी सचिवों और व्यापारियों का कहना है कि बढ़ते कारोबार से किसानों का मंडियों पर भरोसा मजबूत हुआ है। साथ ही नकदी प्रवाह बढ़ने से व्यापारिक गतिविधियों को भी नई ताकत मिली है।


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