मूंगफली बीज में बड़ा ‘खेल’: 15 में से 14 नमूने फेल, fir के निर्देश
(सभी तस्वीरें- हलधर)जयपुर। राजस्थान में मूंगफली बीज की गुणवत्ता को लेकर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के निर्देश पर की गई जांच में ग्रो आउट टेस्ट से गुजरे 15 में से 14 बीज नमूने आनुवंशिक शुद्धता के निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। केवल एक नमूना मानक पाया गया। जांच के नतीजों के बाद कृषि मंत्री ने संबंधित फर्मों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए हैं।
मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि कृषि विभाग को सूचना मिली थी कि कुछ व्यापारी और फर्म किसानों को गुणवत्तापूर्ण प्रमाणित बीज देने के बजाय बाजार से अनाज खरीदकर उसे आकर्षक पैकिंग में बीज के रूप में बेच रहे हैं। इसी सूचना के बाद कृषि मंत्री के निर्देश पर गोविंदगढ़, सीकर, जयपुर, सुजानगढ़, चूरू और बीकानेर में संबंधित फर्मों पर विभागीय अधिकारियों के साथ औचक निरीक्षण किया गया।
खेत में उगाए नमूने तो खुल गई गुणवत्ता की पोल
निरीक्षण के दौरान लिए गए मूंगफली की जीजी-10, आरजी-510, टीजी-37 ए, टीजीवी-24 और आरजी-578 किस्मों के 15 नमूनों का ग्रो आउट टेस्ट कराया गया। चार सदस्यीय विशेषज्ञ दल ने बीजों को उगाकर उनकी संबंधित संदर्भ किस्मों से तुलना की और किस्म की पहचान के साथ आनुवंशिक शुद्धता की जांच की।
नतीजे सामने आए तो 15 में से 14 नमूने आनुवंशिक शुद्धता में अमानक निकले। यानी जांच में अधिकांश नमूने निर्धारित गुणवत्ता कसौटी पर खरे नहीं उतरे।
कहीं 2.25 तो कहीं महज 4.12 प्रतिशत शुद्धता
जांच के आंकड़े गड़बड़ी की गंभीरता को और उजागर करते हैं। कृषि मंत्री के मुताबिक जीजी-10 के चार नमूनों में आनुवंशिक शुद्धता महज 4.12 से 6.37 प्रतिशत के बीच पाई गई। टीजीवी-24 के एक नमूने में तो यह आंकड़ा सिर्फ 2.25 प्रतिशत रहा।
आरजी-510 किस्म के पांच नमूनों में आनुवंशिक शुद्धता 61.12 से 67.25 प्रतिशत के बीच मिली, जबकि आरजी-578 के चार नमूनों में यह 30.12 से 37.75 प्रतिशत के बीच दर्ज की गई।
क्या है ग्रो आउट टेस्ट
ग्रो आउट टेस्ट बीज की किस्म और उसकी आनुवंशिक शुद्धता जांचने की महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रक्रिया है। इसमें बीज उगाकर पौधों की विशेषताओं की प्रमाणित संदर्भ किस्म से तुलना की जाती है। इसी परीक्षण ने संबंधित नमूनों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब फर्मों पर FIR, लाइसेंस भी होंगे निरस्त
जांच रिपोर्ट के बाद कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने संबंधित फर्मों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ उनके लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। डॉ. मीणा ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। गुणवत्ताहीन बीज बेचने और किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ विभाग की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को उच्च गुणवत्ता के बीज, उर्वरक और कीटनाशी समय पर एवं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। कृषि आदानों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विभागीय निगरानी को आगे भी जारी रखा जाएगा।