किसानों की सुरक्षा और जनता के पोषण के लिए कृषि और विज्ञान का ऐतिहासिक संगम

नई दिल्ली 12-May-2026 04:45 PM

किसानों की सुरक्षा और जनता के पोषण के लिए कृषि और विज्ञान का ऐतिहासिक संगम

(सभी तस्वीरें- हलधर)

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान "सेहत मिशन" लॉन्च किया गया, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में खेती से स्वास्थ्य तक भारत की नई बड़ी पहल है। यह ICAR-ICMR की साझेदारी से प्रारंभ हेल्दी फूड, हेल्दी फार्म और हेल्दी इंडिया का नया महत्वपूर्ण मिशन है। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, ICMR के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल और ICAR के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट भी उपस्थित रहे।

“सेहत मिशन” का शुभारंभ

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “सेहत मिशन” का शुभारंभ भारत के लिए एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व कदम है, जो खेती, पोषण और स्वास्थ्य को एक साथ जोड़कर स्वस्थ भारत के निर्माण की मजबूत दिशा तय करेगा। साथ ही कहा कि  भारत की परंपरा में हमेशा से स्वस्थ शरीर को सबसे बड़ा सुख माना गया है और अच्छा स्वास्थ्य सही भोजन से ही आता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि देश को अब केवल अधिक उत्पादन नहीं, बल्कि ऐसा उत्पादन चाहिए जो पोषण दे, रोगों से बचाए और जनता को बेहतर जीवन दे।

खेती से थाली और थाली से स्वास्थ्य तक

उन्होंने कहा कि इसी सोच को आगे बढ़ाने के लिए ICAR और ICMR ने हाथ मिलाकर “सेहत मिशन” शुरू किया है, जो खेती से थाली और थाली से स्वास्थ्य तक एक वैज्ञानिक कड़ी तैयार करेगा। उनके अनुसार यह मिशन बायो-फोर्टिफाइड फसलों, पोषणयुक्त खाद्य पदार्थों, एकीकृत कृषि प्रणाली, किसानों के स्वास्थ्य-सुरक्षा उपायों, जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के लिए उपयुक्त आहार और “वन हेल्थ” दृष्टिकोण पर केंद्रित है।  देश में आज अन्न उत्पादन पर्याप्त है, लेकिन अब अगला लक्ष्य पोषण-संपन्न उत्पादन होना चाहिए। उन्होंने बायो-फोर्टिफाइड फसलों, जिंक, आयरन और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर किस्मों तथा कोदो, कुटकी, ज्वार, रागी और बाजरा जैसे पारंपरिक अनाजों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

उन्होंने यह भी कहा कि एकीकृत खेती केवल किसानों की आय बढ़ाने का साधन नहीं, बल्कि परिवार के पोषण को मजबूत करने का भी रास्ता है। अनाज के साथ फल, सब्जियां, पशुपालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियां ग्रामीण परिवारों को संतुलित भोजन और बेहतर स्वास्थ्य से जोड़ सकती हैं।

वैज्ञानिक तरीकों से करें काम

केंद्रीय मंत्री चौहान ने किसानों और खेतिहर मजदूरों के स्वास्थ्य को भी मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि कीटनाशकों के संपर्क, रसायनों के असंतुलित उपयोग और खेतों में काम के दौरान होने वाले जोखिमों को कम करने के लिए वैज्ञानिक उपाय, सुरक्षित खेती पद्धतियां और जागरूकता बेहद जरूरी है।  अगर सही भोजन और सही फसल चयन पर वैज्ञानिक तरीके से काम किया जाए, तो भोजन ही दवा का काम कर सकता है।


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