श्री अन्न से पोषण क्रांति, मिलेट्स से सशक्त होगी थाली

नई दिल्ली 24-Dec-2025 03:59 PM

श्री अन्न से पोषण क्रांति, मिलेट्स से सशक्त होगी थाली

(सभी तस्वीरें- हलधर)

उदयपुर। एमपीयूएटी के अनुसंधान निदेशक डॉ. अरविंद वर्मा ने कहा कि खाद्यान्न उत्पादन में हमारा देश आत्मनिर्भर बन चुका है। लेकिन, थाली से घटता पोषण चिंता बढ़ा रहा है। ऐसे में श्री अन्न को थाली में जगह देना समय की मांग है। उन्होंने ज्वार, बाजरा, रागी, कांगणी, कोदो, सांवा, चीना और कुटकी का दैनिक उपभोग बढाने पर जोर दिया। डॉ. वर्मा एनएफएसएनएम के तहत पौष्टिक अनाज पर आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के बाद से राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में श्री अन्न की मांग में बढौत्तरी दर्ज हुई है। कार्यशाला में डॉ. हेमलता शर्मा आचार्य कहा कि 10-20 फीसदी जमीन में किसान श्री अन्न फसल को उगाकर परिवार के पोषण स्तर को बेहत्तर बना सकते है। अतिरिक्त निदेशक कृषि उदयपुर संभाग निरंजन सिंह राठौड़ ने कहा कि बदलते दौर में युवा पीढ़ी को मिलेट्स के फायदे न केवल बताने होगे। बल्कि, उन्हें एक समय आवश्यक रूप से इसे खिलाना चाहिए। वहीं, डॉ. सरला लखावत ने मिलेट्स से बनने वाले विविध व्यंजन जैसे रोटी, खिचड़ी, पुलाव, इडली, डोसा, उपमा, पोहे, ब्रेड, बेकरी आदि के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में स्वरोजगार की भी विपुल संभावनाएं है। गांवों में महिला स्वयं सहायता समूह मिलेट्स के विविध व्यंजन तैयार कर आर्थिक रूप से समृद्ध हो सकती है।


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