पश्चिमी विक्षोभ का असर: बारिश और ओलों से रबी फसलें चौपट, 13 जिलों में अलर्ट
पश्चिमी विक्षोभ का असर: बारिश और ओलों से रबी फसलें चौपट, 13 जिलों में अलर्ट
(सभी तस्वीरें- हलधर)राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम ने अचानक करवट ले ली है। जयपुर, अलवर, टोंक, चूरू, कोटा सहित कई जिलों में सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है। जयपुर और चूरू में ओले गिरने की भी खबर है। तापमान में गिरावट के साथ ठंडी हवाएं चलने लगी हैं, जिससे मौसम में फिर से सर्दी का अहसास हो रहा है।
रबी फसलों को भारी नुकसान
बरसात, ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण सरसों, चना और गेहूं जैसी रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई जगहों पर पकी हुई सरसों की फसल तेज हवाओं से आड़ी गिर गई है। किसानों का कहना है कि हल्की बारिश से कुछ फसलों को फायदा हो सकता है, लेकिन ओले और तेज हवाएं नुकसान बढ़ा रही हैं।
राजधानी जयपुर में गरजे बादल
जयपुर में मंगलवार रात से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बुधवार सुबह करीब 4 बजे से तेज हवा और बिजली चमकने के साथ बारिश शुरू हुई। शहर के कई इलाकों में ओले भी गिरे, जिसके बाद ठंडी हवाएं चलने लगीं। कोटा, टोंक और अलवर में भी 20–25 मिनट तक तेज बरसात हुई।
तापमान में तेज गिरावट
पिछले 24 घंटों में नागौर, श्रीगंगानगर, पाली, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई। नागौर में कुछ स्थानों पर ओले भी गिरे। श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 5.7 डिग्री गिरकर 24.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का असर राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में ज्यादा रहेगा। प्रदेश के 13 जिलों में आंधी-बारिश के साथ ओले गिरने का ऑरेंज अलर्ट और 13 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 20 फरवरी से मौसम में फिर बदलाव होगा और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।
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