मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने में जनभागीदारी पर जोर
(सभी तस्वीरें- हलधर)बीकानेर। वेटरनरी विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ मैनेजमेंट एंड हेल्थ की ओर से वन्यजीव सप्ताह-2026 के तहत गांव बम्बलू एवं कतरियासर में वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में ग्रामीणों और विद्यार्थियों को वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील व्यवहार, प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के महत्व की जानकारी दी गई।
केन्द्र के प्रमुख अन्वेषक डॉ. जे.पी. कच्छावा ने कहा कि वन्यजीव सप्ताह महज एक सप्ताह का आयोजन नहीं, बल्कि समाज में वन्यजीवों और प्रकृति के संरक्षण के प्रति निरंतर जागरूकता व जिम्मेदारी विकसित करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि वन्यजीव पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए स्थानीय समुदाय, विद्यार्थियों, पशु चिकित्सकों और संबंधित विभागों की सामूहिक भागीदारी जरूरी है।
डॉ. प्रियंका राठौड़ ने ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा के उपाय बताए। कार्यक्रम में ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।