इलाज से रिकॉर्ड तक लापरवाही बर्दाश्त नहीं
(सभी तस्वीरें- हलधर)जयपुर। पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. सुरेश चंद मीना ने नवनियुक्त पशु चिकित्सा अधिकारियों को पशुपालकों की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी केवल पद नहीं, बल्कि पशुपालकों, पशुधन और समाज के प्रति बड़ी जिम्मेदारी है। अधिकारी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करें।
पशुपालन विभाग की ओर से आयोजित आमुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. मीना ने नवनियुक्त अधिकारियों को चार प्रमुख सूत्र—पशुपालक सेवा, योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, रिकॉर्ड संधारण और प्रशासनिक जवाबदेही—पर विशेष ध्यान देने को कहा।
उन्होंने कहा कि राजस्थान पशुधन प्रधान राज्य है और लाखों परिवारों की आजीविका पशुपालन पर निर्भर है। ऐसे में पशु चिकित्सालयों में पशुओं का समय पर उपचार, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान और तकनीकी परामर्श उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। विभागीय योजनाओं का लाभ पात्र पशुपालकों तक पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पहुंचना चाहिए।
डॉ. मीना ने उपचार, दवा-स्टॉक और टीकाकरण रजिस्टर नियमित अपडेट रखने के साथ डिजिटल पोर्टल पर समयबद्ध प्रविष्टियां करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड संधारण में लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। साथ ही अधिकारियों से अनुशासन, समयबद्धता और नियमों के दायरे में रहकर तत्परता से जनसेवा करने को कहा।