पड़ोसी राज्यों से चारा मंगाने की तैयारी, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

नई दिल्ली 06-Oct-2026 05:56 PM

पड़ोसी राज्यों से चारा मंगाने की तैयारी, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

(सभी तस्वीरें- हलधर)

जयपुर। प्रदेश में कम बारिश के चलते अकाल जैसे हालात के बीच राज्य सरकार ने गौशालाओं में गौवंश के लिए चारा और पानी की व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। पशुपालन विभाग के प्रमुख शासन सचिव विकास सीतारामजी भाले की अध्यक्षता में  शासन सचिवालय में हुई बैठक में प्रदेशभर की गौशालाओं में चारा-पानी की उपलब्धता की समीक्षा की गई।

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि गौशालाओं में पर्याप्त चारा, भंडारण, गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाए। साथ ही स्वच्छ पेयजल की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने और जहां भी कमी सामने आए, वहां तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया।

पंजाब, हरियाणा और एमपी से चारा मंगाने की कवायद भाले ने अधिकारियों को चारे की उपलब्धता बनाए रखने के लिए पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश सरकार को पत्र लिखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में किसी भी स्थिति में चारे और पानी की कमी नहीं होनी चाहिए।

जिला स्तर पर गौशालाओं की व्यवस्थाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग के साथ अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट पशुपालन एवं गोपालन निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौशालाओं की व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में आकस्मिक परिस्थितियों में त्वरित प्रबंधन, उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग और स्थानीय स्तर पर समन्वय की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई। भाले ने कहा कि गौवंश का संरक्षण और उसकी समुचित देखभाल सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश की किसी भी गौशाला में गौवंश को चारे या पानी के संकट का सामना न करना पड़े, इसके लिए विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय से काम करें। बैठक में पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. सुरेश चंद मीना, गोपालन विभाग की निदेशक कश्मी कौर सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जिलों से पशुपालन विभाग के अधिकारी और गौशाला संचालक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक से जुड़े।


ट्रेंडिंग ख़बरें