युद्ध के बीच शहद निर्यात पर मंडराया गहरा संकट, हाथ पर हाथ धरे बैठे मधुमक्खी पालक
युद्ध के बीच शहद निर्यात पर मंडराया गहरा संकट, हाथ पर हाथ धरे बैठे मधुमक्खी पालक
(सभी तस्वीरें- हलधर)युद्ध के बीच शहद निर्यात पर गहरा संकट मंडरा रहा है। अमेरिका शहद निर्यात का मुख्य बाजार होने की वजह से सैकड़ों कंटेनर होल्ड हो गए हैं। जिससे हजारों किसानों और मधुमक्खी पालकों को गहरा झटका लगा है। बता दें कि, यूपी की काष्ठ नगरी सहारनपुर शहद उत्पादन में एशिया में नंबर एक पर है.
शहद निर्यात की स्थिति
उत्तर प्रदेश से 17 प्रतिशत शहद ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका सहित दूसरे देशों में निर्यात किया जाता है। पश्चिम बंगाल से 16 प्रतिशत, पंजाब से 14 फीसदी, बिहार से 12 प्रतिशत तो राजस्थान से 9 प्रतिशत शहद उत्पादन करता है।
हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं मधुमक्खी पालक
लेकिन, जिस तरीके से पश्चिम एशिया में कई देशों में चल रहे युद्ध और तनाव की बीच स्थिति को देखकर लग नहीं रहा है कि अभी विदेशों में शहद निर्यात हो पाएगा. जिसकी वजह से मधुमक्खी पालक और शहद को निर्यात करने वाले हाथ पर हाथ धरे बैठने को मजबूर है। उनका मानना है कि अगर स्थिति थोड़े दिन और ऐसी ही रही तो शहद पालकों का भारी नुकसान होगा।
पहले टैरिफ की मार झेल चुका यह कारोबार अब युद्ध की भेंट चढ़ रहा है। जैसे अभी युद्ध की वजह से मधुमक्खी व्यवसाय में काफी दिक्कतें आ रही है और पालकों को अच्छे दाम नहीं मिल पा रहे हैं। युद्ध के कारण शहद का माल बाहर देशों में एक्सपोर्ट नहीं हो पा रहा और व्यवसाय बंद होने के कगार पर आ गया है। साथ ही, बाहर से भी अच्छे रेट नहीं मिल पा रहे हैं।