डिग्गी निर्माण से बढ़ा किसान का बुवाई क्षेत्र, कमाई बढ़कर हुई 7 लाख सालाना

नई दिल्ली 10-Mar-2026 03:01 PM

डिग्गी निर्माण से बढ़ा किसान का बुवाई क्षेत्र, कमाई बढ़कर हुई 7 लाख सालाना

(सभी तस्वीरें- हलधर)

ईशरोल, बाड़मेर। मेहनत और हौंसले से सूखी जमीन भी गुलजार हो जाती है। उच्च शिक्षित किसान कौशलाराम श्रवण ने डिग्गी के पानी से जमीन को हरीभरी बनाने का ऐसा ही प्रयास किया है। सूखी जमीन से अब लाखों रूपए की आय मिलने लगी है। गौरतलब है कि किसान कौशलाराम मसाला फसल की खेती से जुड़ा हुआ है। किसान कौशलाराम ने हलधर टाइम्स को बताया कि परिवार के पास 34 बीघा जमीन है। उन्होंने बताया कि स्नातकोत्तर करने के बाद आरसीसी का काम करने लगा। करीब 4-5 साल पहले कृषि विज्ञान केन्द्र से मेरा जुड़ाव हुआ। यहां से जल बचत से मिलने वाले लाभ के बार में पता चला। कृषि विभाग की अनुदान योजना का लाभ उठाते हुए खेत में डिग्गी की निर्माण करवाया। परिणाम रहा कि डिग्गी के पानी से रबी फसलों का दायरा बढाने में मदद मिली। उन्होंने बताया कि डिग्गी खुदवाने से पूर्व मेरे पास सिंचाई के लिए एक ट्यूबवैल था। लेकिन, रबी मौसम में सिंचाई की समस्या से जूझना पड़ता था। इस कारण जमीन के पूरे रकबे में रबी फसलों की बुवाई संभवन नहीं होती थी। लेकिन, अब खरीफ और रबी फसलों का बेहत्तर उत्पादन मिलने लगा है। 

डिग्गी से फला-फूला जीरा-ईसबगोल

उन्होंने बताया कि डिग्गी निर्माण के साथ ही जीरा और ईसबगोल की फसल का दायरा बढ़ा दिया है। इससे इन दोनों फसलों से अच्छा लाभ होने लगा है। उन्होंने बताया कि रबी फसलों का उत्पादन बढने से सालाना ढ़ाई से तीन लाख रूपए की आमदनी बढाने में मदद मिली है। उन्होंने बताया कि खरीफ में बाजरा और ग्वार का उत्पादन लेता हॅू। 

बकरीपालन भी लाभकारी

उन्होंने बताया कि पहले घरेलू आवश्यकता पूर्ति के लिए पशु रखता था। लेकिन, अब बकरीपालन को भी अपना चुका हॅू। उन्होने बताया कि पशुधन में मेरे पास 2 गाय और एक दर्जन से ज्यादा बकरियां है। उन्होंने बताया कि पशुओं का दुग्ध घर में काम आ जाता है। वहीं, बकरीपालन से सालाना लाख रूपए की आमदनी मिल जाती है। 

स्टोरी इनपुट: डॉ. रावताराम भाखर, पशु चिकित्सा अधिकारी

ईशरोल, बाड़मेर


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