गेंदा की खेती से बदली किसान की किस्मत, सालाना 6 लाख की कमाई

नई दिल्ली 03-Aug-2026 05:49 PM

गेंदा की खेती से बदली किसान की किस्मत, सालाना 6 लाख की कमाई

(सभी तस्वीरें- हलधर)

मोरजई, उदयपुर। एम कॉम के बाद रोजी-रोटी कमाने के लिए बीमा अभिकर्ता का कार्य करने लगा। छोटी-छोटी बचत करके पहले ढाई बीघा जमीन खरीदी। इसके बाद ढाई बीघा जमीन और खरीदी। हालांकि, परिवार के पास जमीन थी। लेकिन, अपनी अलग पहचान बनाने के जुनून के चलते किसान रमेश ने यह सब किया। जमीन पूरी तरह बंजर थी। घास भी पैदा नहीं होती थी। लेकिन, अब सालाना 5-6 लाख रुपये की पैदावार दे रही है। यह संभव हुआ किसान रमेशचंद्र डांगी की लगन, मेहनत और तकनीक के उपयोग से। किसान रमेश ने हलधर टाइम्स से चर्चा में बताया कि पढ़ाई पूरी करने के बाद एकबारगी मैंने सोचा की नौकरी के लिए भागदौड़ शुरू करनी चाहिए। एक-दो साल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की। इस बीच बीमा अभिकर्ता के रूप में कार्य करना शुरू कर दिया। आप होने लगी तो खेती की ओर ध्यान आकर्षित होने लगा। जमीन खरीदी और खेती करना शुरू कर दिया। गौरतलब है कि यह किसान तकनीक आधारित खेती कर रहा है। इस किसान के पास कुल पांच बीघा जमीन है। जिस समय जमीन खरीदी थी, उस समय घास की पैदावार भी नहीं होती थी। क्योंकि, जमीन पहाड़ी थी। जिसको इस किसान ने जेसीबी की सहायता से समतल करवाया है। साथ ही, मिट्टी भी भरवाई है। इसके बाद शैडनेट हाउस के लिए उद्यानिकी विभाग में आवेदन किया। वर्ष 2011-12 में 4 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में शैडनेट बनकर तैयार हुआ। दूसरे किसानों की तरह रमेश ने खीरा, शिमला मिर्च की खेती करना शुरू नहीं किया। खर्च निकालने के लिए स्ट्रॉबेरी की फसल ली। इसके बाद गोभी।

इस तरह हर साल अलग-अलग फसल की खेती शैडनेट हाउस में यह किसान करने लगा। पिछले नवरात्रि में गेंदा फसल की बुआई की। फरवरी माह तक फूल का उत्पादन मिला। करीब 5 लाख रुपये की आय गेंदा पुष्प के उत्पादन से मिली। गेंदा फसल से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए रमेश ने कहा कि इस फसल को संरक्षित संरचना में करना काफी मुफीद साबित हुआ है। बीज पर जरूर पैसा खर्च करना पड़ा। कीट-रोग ने फसल को छुआ तक नहीं। बाजार भाव भी अच्छे मिले। शैडनेट हाउस में अभी तक ली गई फसल में गेंदा की फसल सबसे ज्यादा लाभकारी साबित हुई है। सिंचाई के लिए ट्यूबवैल, ड्रिप और सोलर पंप लगाया हुआ है।

नींबू का बगीचा

ढाई बीघा जमीन में नींबू का बगीचा स्थापित किया हुआ है। अधिकांश पौधे कागजी नींबू किस्म के हैं। इस वर्ष 28 क्विंटल नींबू का उत्पादन मिला है। इससे 90 हजार रुपये की आय मिली है। नींबू बगीचे की सिंचाई भी ड्रिप से कर रहा हूँ। नींबू बगीचे के मध्य में प्याज और लहसुन फसल की इंटरक्रॉपिंग कर रहा हूँ। इन दोनों फसलों से खेती पर होने वाला खर्च निकल जाता है।

पशुपालन से आर्थिकी

पशुधन का कार्य संयुक्त रूप से है। 15 गाय और 5 भैंस हमारे पास हैं। प्रतिदिन 50 लीटर दुग्ध का उत्पादन हो रहा है। दुग्ध के औसत भाव 35-40 रुपये प्रति लीटर मिल जाते हैं। इससे प्रतिमाह 20-25 हजार रुपये की आय मिल जाती है


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