65 दुकानों पर छापेमारी, 27 को नोटिस और 3 के लाइसेंस सस्पेंड
(सभी तस्वीरें- हलधर)कृषि विभाग ने जिले में किसानों को सही समय पर अच्छी क्वालिटी का उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए बड़ा प्रयास कर रही है। यूरिया के डायवर्जन और जमाखोरी की आंशकाओं के बीच चलाए गए विशेष अभियान में 65 उर्वरक विक्रेता प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान अनियमितताएं मिलने पर 27 फर्मों को वजह बताओ नोटिस जारी किए गए, जबकि 3 फर्मों के लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित भी की गई।
कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल के निर्देशों पर चलाए गए इस अभियान में अतिरिक्त निदेशक (कृषि) त्रिलोक कुमार जोशी और संयुक्त निदेशक उर्वरक विक्रेताओं के यहां औचक निरीक्षण किया।
लिए जाएंगे एक्शन
विभाग ने जानकारी दी कि उर्वरक नियंत्र आदेश 1985 के तहत नियमों का उल्लघंन करने वाली फर्मों के खिलाफ लाइसेंस निलंबन, निरस्तीकरण और एफआईआर जैसी कार्रवाई की जाएगी। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि खरीफ सीजन से पहले यूरिया की जमाखोरी और डायवर्जन रोकना बेहद जरूरी है। यदि समय रहते सख्ती नहीं की जाए तो सीजन के दौरान बाजार में कृत्रिम कमी पैदा कर सकती है और किसानों को महंगे दामों में उर्वरक खरीदना पड़ता है।
विभाग है पूरी तरह से तैयार
बीकानेर जैसे बड़े कृषि जिले में यह समस्या सामने आते ही विभाग ने कमर कस ली है और निरीक्षण और डिजिटल वेरिफिकेशन के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा कि उर्वरक की सप्लाई में किसी भी तरह की परेशानी न आए।