खुला दूध बेचने वालों पर होगी पाबंदी, FSSAI ने कड़े किए नियम
(सभी तस्वीरें- हलधर)दूध कारोबार पर मिलावट रोकने के लिए भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्रधिकरण (FSSAI) ने नियमों को सख्त कर दिया है। अब शहर के सभी छोटे-बड़े दूध विक्रेताओं, डेयरी यूनिट और उत्पादकों के लिए लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा।
बिना रजिस्ट्रेशन दूध बेचने पर कार्रवाई, जुर्माना और दुकान सील तक की नौबत आ सकती है। इस एक्शन से छोटे और मध्यम डेयरी संचालकों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही, 1.5 करोड़ रुपए तक का टर्नओवर वाले विक्रेताओं को 100 रुपए में पंजीकरण कराना होगा।
क्या है उद्देश्य
बता दें कि, पहले यह रजिस्ट्रेशन सीमा लगभग 12 लाख रुपए टर्नओवर तक थी। जिसमें 1.5 से 50 करोड़ तक स्टेट लाइसेंस और 50 करोड़ से ज्यादा पर सेंट्रल लाइसेंस जरूरी होगा। इसका उद्देश्य दूध की गुणवत्ता पर निगरानी रखना और अवैध करोबार पर रोक लगाना है।
एक्सपर्ट के मुताबिक, सबसे ज्यादा जोखिम खुले दूध में होता है, जो बिना पैकेजिंग और ब्रांडिंग के सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचता है। शहर में हर रोज हजारों लीटर खुले दूध की सप्लाई होती है। नए नियमों के बाद हर सप्लायर की पहचान और रिकॉर्ड विभाग के पास रहेगा, जिससे मिलावट करने वालों पर सीधा नियंत्रण संभव होगा।
विभाग सख्त
खाद्य सुरक्षा विभाग ने उदयपुर में अभियान चलाने के लिए कमर कस चुकी है। शहर के प्रमुख चौराहों, डेयरी बूथ और दूध मंडियों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। मौके पर दस्तावेजों और सैंपलिंग की जांच होगी।