खाद का संकट खत्म, सरकार ने पहले ही जुटाया 50% स्टॉक

नई दिल्ली 05-May-2026 01:51 PM

खाद का संकट खत्म, सरकार ने पहले ही जुटाया 50% स्टॉक

(सभी तस्वीरें- हलधर)

देश के करोड़ों किसानों के लिए आगामी खरीफ सीजन को लेकर राहत भरी खबर है। सरकार ने इस बार समय से पहले ही खाद पर्याप्त भंडार सुनिश्चित कर लिया है, जिससे सीजन के दौरान होने वाली संभावित किल्लत का खतरा टल गया है। बेहतर घरेलू उत्पादन और समय पर किए गए आयात के चलते खाद का स्टॉक अब तक के मजबूत स्तर पर पहुंचगया है।

उत्पादन और आयात ने बढ़ाई ताकत

इस साल मार्च और अप्रैल के महीनों में खाद के रिकॉर्ड उत्पादन और आयात ने सरकार की तैयारियों को मजबूती दी है। आंकड़ों के अनुसार, र्च और अप्रैल के दौरान देश में कुल 67.71 लाख मीट्रिक टन खाद का उत्पादन हुआ और इसी अवधि में लगभग 17 लाख मीट्रिक टन खाद का आयात भारत पहुंच चुका है।

इन दोनों प्रयासों के चलते देश में खाद का कुल भंडार तेजी से बढ़ा है, जिससे बाजार में आपूर्ति और मांग का संतुलन बना हुआ है। खरीफ 2026 के लिए सरकार ने एक व्यापक योजना तैयार की है। सीजन शुरू होने से पहले ही कुल जरूरत का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा स्टॉक में होना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इससे यह स्पष्ट है कि किसानों को बुवाई के समय लंबी लाइनों या खाद की कालाबाजारी जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।

राज्यों के साथ बेहतर तालमेल और भंडारण

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इस बार राज्य स्तर पर भंडारण और वितरण की व्यवस्था को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाया गया है। पहले खाद की सप्लाई में देरी के कारण किसानों को कई बार ऊंचे दामों पर खाद खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता था। लेकिन इस बार राज्यों में पहले से ही बफर स्टॉक जमा कर लिया गया है।

साथ ही, वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाया गया है। बारिश पर निर्भर खेती वाले क्षेत्रों में खाद की अग्रिम सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है।

खेती पर होगा सकारात्मक असर

विशेषज्ञों का मानना है कि खाद की समय पर उपलब्धता से फसलों की बुवाई और उनकी शुरुआती बढ़वार सही तरीके से होगी। इससे न केवल फसल की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि कुल कृषि उत्पादन में भी वृद्धि होने की संभावना है। सरकार की इस मुस्तैदी से किसानों में भरोसे का माहौल है, जिससे खरीफ सीजन 2026 के सफल रहने की पूरी उम्मीद है।


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