कृषि मेला: किसान आत्मनिर्भर भारत का आधार, हलधर टाइम्स उप-संपादक हुए सम्मानित

नई दिल्ली 10-Feb-2026 05:30 PM

कृषि मेला: किसान आत्मनिर्भर भारत का आधार, हलधर टाइम्स उप-संपादक हुए सम्मानित

(सभी तस्वीरें- हलधर)

राजस्थान के उदयपुर में महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय क्षेत्रीय कृषि मेले के दूसरे दिन केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि ऐसे मेले किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक तकनीक और विपणन रणनीतियों की जानकारी देकर उनकी आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जलवायु परिवर्तन को कृषि के लिए बड़ी चुनौती बताते हुए जैविक खेती को अपनाने और रासायनिक कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने का आह्वान किया।

वैज्ञानिक तकनीकों से मजबूत होगी किसानों की आय

आईसीएआर–केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर के निदेशक डॉ. अरुण कुमार तोमर ने कहा कि ऐसे आयोजन किसानों को वैज्ञानिक तकनीक अपनाने और आय बढ़ाने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने परंपरागत ज्ञान और आधुनिक विज्ञान को जोड़कर कृषि व पशुपालन को उन्नत बनाने पर जोर दिया।

विश्वविद्यालय की उन्नत किस्मों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र

कृषि मेले में विश्वविद्यालय द्वारा विकसित उन्नत फसल किस्मों की प्रदर्शनी लगाई गई। कुलगुरु डॉ. प्रताप सिंह ने बताया कि प्रताप संकर मक्का-6, प्रताप ज्वार-2510, चेतक अफीम, प्रताप इसबगोल-1, प्रताप अश्वगंधा-1 और प्रताप मूंगफली-4 जैसी किस्में किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही हैं। संकर मक्का-6 का बीज उत्पादन कार्यक्रम विश्वविद्यालय स्तर पर चल रहा है, जिसे जल्द ही राज्य बीज निगम के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा।

तकनीकी पुस्तिका का विमोचन और किसानों का सम्मान

कार्यक्रम में “सफल कृषि उद्यमी” पुस्तिका का विमोचन किया गया। हलधर टाइम्स के उप-संपादक पीयूष शर्मा को कृषि नवाचारों को किसानों तक पहुँचाने के लिए सम्मानित किया गया। वहीं, महाराष्ट्र की कृषक शोभा को जैविक हल्दी पाउडर उत्पादन के लिए सम्मान मिला।

विशेषज्ञों के व्याख्यान से किसानों को मिली नई दिशा

क्षेत्रीय कृषि मेले में मृदा-जल संरक्षण, स्मार्ट कृषि में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उन्नत बकरी पालन, मुर्गीपालन, टीकाकरण, मधुमक्खी पालन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने किसानों को मार्गदर्शन दिया।

नई तकनीक, सांस्कृतिक कार्यक्रम और किसान-वैज्ञानिक संवाद बने आकर्षण

इस कृषि मेले में ड्रोन तकनीक, सौर ऊर्जा, हाईटेक बागवानी और उन्नत किस्मों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही विभिन्न राज्यों से आए किसानों ने लोकगीत और लोकनृत्य प्रस्तुत किए। किसान-वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम में किसानों की समस्याओं का समाधान किया गया। फसल, फल-फूल और सब्जी प्रतियोगिता में 84 किसानों को पुरस्कृत किया गया।


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