खाद की किल्लत नहीं, जमाखोरों की खैर नहीं, 24एफआईआर

नई दिल्ली 07-Oct-2026 04:17 PM

खाद की किल्लत नहीं, जमाखोरों की खैर नहीं, 24एफआईआर

(सभी तस्वीरें- हलधर)

जयपुर। रबी सीजन में उर्वरक संकट की आशंकाओं के बीच राज्य सरकार ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि प्रदेश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने किसानों से अपील की है कि वे अफवाहों के बहकावे में आकर जरूरत से ज्यादा उर्वरक खरीदकर भंडारण न करें। सरकार ने मांग और खपत के हिसाब से जिलों को प्राथमिकता के आधार पर आपूर्ति की व्यवस्था की है। प्रदेश में फिलहाल 3.72 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 1.06 लाख टन डीएपी, 97 हजार टन एनपीके और 2.08 लाख टन एसएसपी का स्टॉक उपलब्ध बताया गया है। कम उपलब्धता और अधिक खपत वाले जिलों एवं ब्लॉकों को चिन्हित कर अतिरिक्त आपूर्ति की जा रही है।

अक्टूबर में अतिरिक्त आपूर्ति

कृषि मंत्री ने बताया कि रबी 2026-27 के लिए अक्टूबर में केंद्र सरकार ने राजस्थान को 4.60 लाख मीट्रिक टन यूरिया आवंटित किया है। 1 अक्टूबर के उपलब्ध स्टॉक को शामिल करते हुए अब तक 4.33 लाख टन यूरिया की व्यवस्था की जा चुकी है। इसी तरह अक्टूबर के लिए आवंटित 2.004 लाख टन डीएपी के मुकाबले अब तक 1.41 लाख टन की व्यवस्था की जा चुकी है। सरकार का कहना है कि फसलवार क्षेत्रफल और उर्वरक आवश्यकता के आधार पर जिलों की आपूर्ति योजना तैयार की गई है। तिलहन और दलहन का रकबा बढ़ने तथा अनाज का क्षेत्र घटने को देखते हुए उर्वरकों की उपलब्धता उसी अनुरूप सुनिश्चित की जा रही है।

24 एफआईआर दर्ज 

उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी और डायवर्जन के खिलाफ कृषि विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक 12,362 विक्रय परिसरों का निरीक्षण, 24 एफआईआर तथा 115 उर्वरक लाइसेंस निलंबित और 3 निरस्त किए गए हैं। डायवर्जन के मामले में विभिन्न उर्वरकों के 1,223 बैग जब्त किए गए हैं। गुणवत्ता नियंत्रण कार्रवाई में अब तक कुल 8,533 बैग जब्त किए जा चुके हैं। दर्ज मामलों में 11 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। सीमावर्ती जिलों से उर्वरकों के दूसरे राज्यों में अवैध परिवहन पर रोक के लिए 61 चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं। सभी जिलों में कंट्रोल रूम बनाकर उपलब्धता, वितरण और कालाबाजारी की निगरानी की जा रही है।

विक्रय केंद्रों पर अधिकारियों की तैनाती

कृषि विभाग ने अधिक भीड़ वाले उर्वरक विक्रय केंद्रों पर किसानों को कतारबद्ध कर अधिकारियों की निगरानी में वितरण की व्यवस्था की है। प्रत्येक विक्रेता के यहां विभागीय अधिकारियों एवं कार्मिकों की नामजद ड्यूटी लगाई गई है।

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने कहा कि किसानों को उनकी वास्तविक जरूरत के अनुसार समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने किसानों से मृदा स्वास्थ्य कार्ड की सिफारिश के अनुसार संतुलित मात्रा में उर्वरक इस्तेमाल करने और अनावश्यक भंडारण से बचने की अपील की है!


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