राज्य सरकार ने बजट को बताया ऐतिहासिक, जानें क्या बोले विपक्षी नेता और किसान
राज्य सरकार ने बजट को बताया ऐतिहासिक, जानें क्या बोले विपक्षी नेता और किसान
(सभी तस्वीरें- हलधर)राजस्थान की वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बुधवार को विधानसभा में राज्य बजट 2026-27 पेश किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह बजट महिला, युवा, मजदूर, वंचित, किसान सहित अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के कल्याण को समर्पित है। उन्होंने कहा कि बजट में आधारभूत संरचना का सुदृढ़ीकरण सहित बिजली, पानी, शिक्षा, चिकित्सा जैसे बुनियादी क्षेत्रों में सुविधाओं और सेवाओं के लिए प्रावधान किए गए हैं, जिससे राजस्थान विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनेगा। राज्य का वर्ष 2026-27 का बजट 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपये है, जो वर्ष 2023-24 के बजट की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है। बजट के तमाम क्षेत्रों के लिए बड़ी घोषणाएं की गई हैं।
वीबीजीरामजी के लिए 4 हजार करोड़, 32 हजार करोड़ से यमुना का पानी
बजट में वीबी जी राम जी योजना के लिए 4 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यमुना जल को शेखावाटी क्षेत्र तक लाने के लिए 32 हजार करोड़ रुपये के कार्य शुरू होंगे। रामजल सेतु लिंक परियोजना में 26 हजार करोड़ रुपये के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। सभी जिला मुख्यालयों पर नमो नर्सरी, पंचायत स्तर पर नमो पार्क और 16 जिलों में ऑक्सीजोन स्थापित किए जाएंगे।
शिक्षा के लिए 69 हजार करोड़, अस्पतालों की बढ़ेगी बैड क्षमता
प्रदेश में शिक्षा सुविधाओं का विस्तार करने के लिए बजट में 69 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। 400 स्कूल को सीएम राइज विद्यालयों के रूप में क्रमोन्नत भी किया जाएगा, जिसके लिए 1000 करोड़ रूपये का प्रावधान है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के लिए 32 हजार 526 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है। ग्रीन बजट में 33 हजार 476 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। जयपुर के जे.के. लोन अस्पताल में 500 बैड क्षमता के आईपीडी टावर और आरयूएचएस में 200 बैड के पीडियाट्रिक आईपीडी का प्रावधान किया है। सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर रोगियों हेतु 250 नई आधुनिक एम्बुलेंस और 24x7 कमांड सेंटर की स्थापना होगी। मानसिक स्वास्थ्य और अवसाद की रोकथाम हेतु एसएमएस अस्पताल, जयपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगा। मेडिकल कॉलेजों के अस्पतालों में मरीजों व स्टाफ हेतु 100 करोड़ रुपये की लागत से अटल आरोग्य फूड कोर्ट बनेंगे। पार्थिव शरीर को चिकित्सालय से घर तक निःशुल्क पहुंचाने हेतु मोक्ष वाहिनी योजना शुरू होगी।
कृषि, सिंचाई, डेयरी और पशुपालन क्षेत्र के लिए घोषणाएं
सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र हेतु आगामी वर्ष 3 लाख हेक्टेयर में 1,340 करोड़ रुपये खर्च होंगे। विभिन्न बांधों व नहरों के सुधार हेतु 11,300 करोड़ रुपये के कार्य होंगे। आगामी वर्ष 50,000 सौर पंप संयंत्रों हेतु 1,500 करोड़ रुपये व्यय होंगे। 35 लाख किसानों को 25,000 करोड़ रुपये के अल्पकालीन ऋण वितरित किए जाएंगे। 36,000 फार्म पोंड और 50,000 किसानों को तारबंदी हेतु अनुदान मिलेगा। बजट में राज्य के दुग्ध उत्पादकों के लिए 700 करोड़ रुपए का अनुदान देने की घोषणा की गई है। इसका 5 लाख पशुपालकों को सीधा फायदा मिलेगा। इसके अलावा यूपी, गुजरात, एमपी सहित कई राज्यों में सरस डेयरी के आउटलेट खोले जाएंगे। इस विस्तार योजना पर ₹100 करोड़ खर्च किए जाएंगे। साथ ही, राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी डवलपमेंट फंड को 1000 करोड़ से बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपए कर दिया गया है।
महिला सशक्तीकरण और पर्यटन के लिए घोषणाएं
जिला स्तर पर रूरल महिला बीपीओ, मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों को ऋण सीमा 50 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये और लखपति दीदी योजना में ऋण को 1 लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख आदि प्रावधान महिलाओं के सशक्तीकरण में सहायक होंगे। नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना में ऋण सीमा 50 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये की गई। 11,000 ग्राम पंचायतों में महिला SHG के माध्यम से अमृत पोषण वाटिका का 500 करोड़ रुपये से निर्माण होगा। 7,500 आंगनबाड़ियों को 225 करोड़ रुपये की लागत से 'नन्द घर' के रूप में विकसित किया जाएगा। सहरिया/कथौड़ी जनजाति की महिला मुखिया को प्रतिमाह 1,200 रुपये का DBT दिया जाएगा।
पर्यटन बुनियादी ढांचे हेतु 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों का लक्ष्य तय किया गया है। पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए खुड़ी (जैसलमेर) में अल्ट्रा लग्जरी स्पेशल टूरिज्म जोन विकसित किया जाएगा। थार सांस्कृतिक सर्किट जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर और जालोर को मिलाकर बनाया जाएगा। शेखावाटी हवेली योजना के अंतर्गत 660 से अधिक चिन्हित हवेलियों के पुनरुद्धार के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 6,000 बुजुर्गों को हवाई मार्ग से पशुपतिनाथ (नेपाल) और 50,000 को ट्रेन से तीर्थ यात्रा कराई जाएगी। पुष्कर, खाटूश्यामजी, देशनोक, पोकरण, डिग्गी और मण्डावा के प्रवेश मार्गों को 30 करोड़ रुपये से मॉडल रोड के तौर पर सजाया जाएगा। झुंझुनूं में बहादुर सैनिकों के बलिदान के सम्मान में इसकी स्थापना होगी।

ऊर्जा क्षेत्र के लिए घोषणाएं
GSS निर्माण हेतु 220 KV के 6, 132 KV के 13 और 33 KV के 110 नए सब-स्टेशन बनाए जाएंगे। बीकानेर और जैसलमेर में 4,830 मेगावाट क्षमता के सौर पार्कों का विकास 2,900 करोड़ रुपये की लागत से होगा। अजमेर डिस्कॉम के ग्रिड को AI सक्षम बनाया जाएगा और कृषि उपभोक्ताओं हेतु डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित होगा।
युवा, शिक्षा एवं कौशल विकास के लिए घोषणाएं
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में 1 लाख युवाओं को 10 लाख तक के ऋण पर 1,000 करोड़ रुपये का ब्याज अनुदान दिया जाएगा। आरएसटीए से पारदर्शिता, प्रतियोगी परीक्षाओं के बेहतर आयोजन के लिए बजट में राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी (RSTA) की घोषणा की गई है। इसके अंतर्गत ऑनलाइन टेस्टिंग सेंटर विकसित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से परीक्षाओं का आयोजन पारदर्शी तरीके से हो सकेगा। आगामी सत्र में 500 और विद्यालयों में 51.10 करोड़ रुपये से व्यावसायिक शिक्षा शुरू होगी। कक्षा 8, 10, 12 के मेधावी छात्रों को 20,000 रुपये तक का ई-वाउचर दिया जाएगा। कक्षा 9 की जरूरतमंद छात्राओं को साइकिल हेतु ई-वाउचर मिलेंगे। घुमन्तू समुदायों के बच्चों हेतु 'Raj PAHAL' कार्यक्रम के तहत मोबाइल स्कूल शुरू होंगे।
400 स्कूलों को 1,000 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं युक्त स्कूलों में बदला जाएगा।
हरित विकास के लिए घोषणाएं
2047 तक प्रदेश में ग्रीन कवर 20% करने का लक्ष्य है। 'हरियाळो राजस्थान' मिशन के तहत आगामी वर्ष 10 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। 16 जिलों में मॉडल उद्यान विकसित करने हेतु 32 करोड़ रुपये व्यय होंगे। वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने हेतु प्रोजेक्ट पृथ्वी में 1,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
बजट ये बड़ी घोषणाएं भी की गई
State Highways, ROB, RUB, फ्लाईओवर्स और ब्रिज के निर्माण पर 1,800 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नॉन-पेचेबल व क्षतिग्रस्त सड़कों के लिए 1,400 करोड़ रुपये तथा मिसिंग लिंक सड़कों के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान है। आगामी वर्ष 250 'अटल प्रगति पथ' 500 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जाएंगे। औद्योगिक क्षेत्रों और लॉजिस्टिक पार्क्स के पहुँच मार्गों के लिए 400 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 15 रेलवे क्रॉसिंग पर ROB/RUB निर्माण के लिए 920 करोड़ रुपये का व्यय होगा और 26 अन्य के लिए DPR बनाई जाएगी। आगामी दो वर्षों में 1,000 किमी सड़कों को राज्य राजमार्गों में और 2,000 किमी को मुख्य जिला सड़कों में बदला जाएगा। 500 किमी के राज्य राजमार्गों को 2,700 करोड़ रुपये की लागत से ITS आधारित विकसित किया जाएगा। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु 2,000 कैमरे (100 करोड़ रुपये) और ब्लैक स्पॉट्स सुधार हेतु 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
विपक्ष ने बजट को बताया खोखला
कांग्रेस नेता व नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य बजट को खोखला, सतही और प्रदेश की प्रगति को रोकने वाला दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि जो बजट पिछले भाषणों की पुनरावृत्ति पर आधारित हो, राजस्थान का भविष्य नहीं संवार सकता। जूली ने कहा कि सरकार अपनी नाकामियो का ठीकरा दूसरों पर फोड़ रही है, जबकि वास्तविकता कुछ और है। टीकाराम जूली ने दावा किया कि पिछले दो बजटों की 2718 घोषणाओं में से केवल 900 (करीब 30 फीसदी) ही पूरी हुई हैं, जबकि 284 परियोजनाओं पर काम शुरू तक नहीं हुआ। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार 2026 की जमीनी हकीकत से दूर है और जवाबदेही से बचने के लिए 2047 के सपने दिखा रही है।
जूली ने कहा कि वित्त मंत्री ने दो वर्षों में 45 लाख नल कनेक्शन देने का वादा किया था, लेकिन सदन में स्वयं स्वीकार किया कि केवल 14 लाख कनेक्शन ही दिए गए। नमो वन और नमो नर्सरी जैसी घोषणाओं को उन्होंने चापलूसी की राजनीति बताया। जूली ने 42,000 जर्जर स्कूलों की स्थिति, सीएम राइज जैसे नामों और रिफाइनरी के लोकार्पण में देरी को सरकार की प्राथमिकताओं पर प्रश्नचिह्न बताया। उन्होंने कहा कि भरतपुर सहित कई जिलों की अनदेखी से स्पष्ट है कि सरकार के पास ठोस रोडमैप नहीं है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष बोले, बजट निराशाजनक
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने राज्य बजट को निराशाजनक बताया है। उन्होंने कहा कि इसमें प्रदेश की प्रगति के लिए अपेक्षित वित्तीय प्रावधान नहीं किए गए। डोटासरा ने कहा कि यमुना जल परियोजना और ईआरसीपी का जिक्र तो हुआ, लेकिन कोई बजट आवंटन या समय सीमा स्पष्ट नहीं की गई। निवेश, रोजगार सृजन और राइजिंग राजस्थान के परिणामों पर सरकार मौन रही। जर्जर स्कूल भवनों के लिए 21 हजार करोड़ की आवश्यकता के बावजूद सीमित राशि का प्रावधान किया गया।
किसान ने बजट पर कही ये बात
प्रदेश के किसानों की भजनलाल सरकार के बजट पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी। किसानों का कहना है कि सरकार ने किसानों के लिए घोषणा तो की है लेकिन ये किसानों तक नहीं पहुंचती है। इसका पता तो तब लगेगा जब हमें कुछ लाभ होगा। सरकार घोषणा कर देती है, लेकिन किसानों को लाभ नहीं मिलता। किसानों ने कहा कि बजट से कई उम्मीदें थी, लेकिन वैसी घोषणाएं तो नहीं हुई है। जो घोषणाएं किसानों के लिए हुई है, वो तो आने वाला समय ही बताएगा कितनी धरातल पर उतर पाती है।