एफपीओ योजना पांच साल बढ़ी, इक्विटी लिमिट बढ़ाकर एक करोड़

नई दिल्ली 20-Dec-2025 03:02 PM

एफपीओ योजना पांच साल बढ़ी, इक्विटी लिमिट बढ़ाकर एक करोड़

(सभी तस्वीरें- हलधर)

कृषि सचिव का बयान

केंद्र सरकार ने किसान उत्पादक संगठनों को मजबूती देने के लिए अपनी योजना को अगले पांच सालों के लिए बढ़ाने का फैसला किया है। इस फैसले का उद्देश्य उन कमियों को दूर करना है जो एफपीओ के कामकाज में बाधा बन रही हैं। यह जानकारी कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी ने दी। कृषि सचिव ने बताया कि सरकार ने 10,000 एफपीओ बनाने का लक्ष्य हासिल कर लिया है, लेकिन, इनमें से कई एफपीओ पिछले दो सालों में ही बने हैं। उन्होंने कहा कि हमें सामुदायिक संगठनों और एजेंसियों के माध्यम से इन नए संगठनों का हाथ थामने की जरूरत है। ताकि , वे सफल हो सकें।

1 करोड़ होगी लिमिट

एफपीओ के सामने सबसे बड़ी चुनौती कार्यशील पूंजी की कमी है। सचिव ने स्वीकार किया कि मौजूदा इक्विटी ग्रांट के तहत मिलने वाली 30 लाख रुपये की सीमा बड़े स्तर के कामकाज के लिए नाकाफी है। उन्होंने कहा कि अगर हम चाहते हैं कि एफपीओ फसलों की खरीद करें अथवा किसानों को प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन के लिए एडवांस पेमेंट दें, तो यह सीमा कम से कम 50 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये होनी चाहिए। सरकार एफपीओ के लिए क्रेडिट गारंटी या वर्किंग कैपिटल की सुविधा बढ़ाने के सिस्टम पर भी विचार कर रही है।

पेनल्टी में मिल सकती है राहत

कंपनी अधिनियम के तहत कड़े नियमों का पालन करना एफपीओ के लिए एक बड़ी चुनौती है। कृषि सचिव ने बताया कि विभाग ने कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय से अनुरोध किया है कि एफपीओ के शुरुआती 3 से 5 सालों के दौरान पेनल्टी के नियमों में ढील दी जाए

10 हजार करोड़ का कारोबार

आंकड़ों की बात करें तो 2020 में चित्रकूट से शुरू हुए 10,000 एफपीओ ने वित्त वर्ष 2024-25 में अब तक 9,000 करोड़ रुपये का संचयी वार्षिक कारोबार किया है। सचिव ने अनुमान जताया कि कुल कारोबार 10,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। यह एफपीओ भारत के 12-13 करोड़ कृषक समुदाय में से 52 लाख किसानों तक पहुंच चुके हैं।


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