पीएम मोदी की 50 फीसदी खाद कटौती की अपील और आत्मनिर्भरता का रोडमैप

नई दिल्ली 13-May-2026 05:45 PM

पीएम मोदी की 50 फीसदी खाद कटौती की अपील और आत्मनिर्भरता का रोडमैप

(सभी तस्वीरें- हलधर)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रासायनिक खादों के उपयोग में 50% तक की कटौती करने की अपील न केवल मिट्टी के स्वास्थ्य को बचाने के लिए है, बल्कि यह भारत को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। 10 मई, 2026 को दिए गए उनके संबोधन के बाद, देश की खेती में एक बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है।

पीएम मोदी ने देश के किसानों से रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल को आधा करने की अपील की है। वैश्विक स्तर पर उर्वरकों की बढ़ती कीमतों और मिट्टी की बिगड़ती उर्वरता को देखते हुए, पीएम ने 'प्राकृतिक खेती' को भविष्य का आधार बताया है।

धरती की ऊपरी परत हो रही है बंजर

पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि रसायनों के अत्यधिक उपयोग से धरती की ऊपरी परत बंजर होती जा रही है। उन्होंने कहा, "हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए उपजाऊ जमीन छोड़नी है, जहर नहीं।" सरकार का लक्ष्य सॉयल हेल्थ कार्ड के माध्यम से किसानों को मिट्टी की वास्तविक स्थिति बताना और संतुलित खाद के उपयोग को बढ़ावा देना है।

50 फीसदी कटौती

भारत अपनी उर्वरक जरूरतों के लिए एक बड़े हिस्से का आयात करता है। सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में ₹3,000 की खाद बोरी को किसानों तक ₹300 से भी कम में पहुंचाती है। खादों में 50 फीसदी की कटौती से देश के लाखों करोड़ रुपये के विदेशी मुद्रा भंडार की बचत होगी, जिसे ग्रामीण बुनियादी ढांचे और सिंचाई परियोजनाओं में लगाया जा सकेगा।

PM-PRANAM योजना पर जोर

सरकार PM-PRANAM (PM Programme for Restoration, Awareness, Nourishment and Amelioration of Mother Earth) योजना को अब और अधिक प्रभावी ढंग से लागू कर रही है। जो राज्य रासायनिक खादों के उपयोग में कमी लाएंगे, उन्हें सब्सिडी की बचत का 50% हिस्सा ग्रांट के रूप में दिया जाएगा। वहीं, सरकार 'बायोगैस' से बने जैविक खाद और 'नैनो यूरिया' के उपयोग पर विशेष जोर दे रही है।


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