किसानों के लिए खुशखबरी, तारबंदी योजना में लागू होगी नई प्रक्रिया
(सभी तस्वीरें- हलधर)राजस्थान सरकार ने प्रदेश के लघु एवं सीमांत किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 'खेत तारबंदी योजना' के नियमों में बड़ी ढील दी है। कृषि विभाग ने योजना के तहत न्यूनतम भूमि की अनिवार्यता को 1.5 हेक्टेयर से घटाकर मात्र 0.5 हेक्टेयर कर दिया है। सरकार के इस कदम से अब प्रदेश के लाखों छोटे किसान भी अपने खेतों की सुरक्षा के लिए सरकारी मदद प्राप्त कर सकेंगे।
अनुदान राशि में नहीं की गई कोई कटौती
योजना की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पात्रता के लिए भूमि की सीमा तो कम कर दी गई है, लेकिन मिलने वाली सहायता राशि में कोई कमी नहीं की गई है। किसानों को 400 मीटर की तारबंदी पर मिलने वाली अनुदान राशि पूर्व की भांति ही मिलती रहेगी। इससे छोटे किसानों पर आर्थिक बोझ कम होगा और वे अपनी फसलों को सुरक्षित कर पाएंगे।
जंगली जानवरों से मिलेगी राहत
सहायक कृषि अधिकारी महेंद्र कुलडिया ने बताया कि क्षेत्र के किसान लंबे समय से पात्रता शर्तों में ढील देने की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा, "अधिक भूमि की शर्त के कारण कई जरूरतमंद किसान योजना से वंचित रह जाते थे। अब नई व्यवस्था से छोटे किसानों को रातभर खेतों में जागकर जंगली जानवरों से फसल की रखवाली करने की समस्या से मुक्ति मिलेगी।"
योजना के मुख्य लाभ और उद्देश्य
कृषि विभाग की अपील
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे इस संशोधन का लाभ उठाने के लिए जल्द से जल्द ऑनलाइन आवेदन करें। नियमों में इस बदलाव से न केवल आवेदन करने वाले किसानों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि उत्पादन की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। विभाग का मानना है कि यह कदम किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आय को सुरक्षित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।